माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा गुरुवार से शुरू हो गई। पहले दिन आयोजित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट हिंदी प्रश्नपत्र की परीक्षा में विभिन्न सचल दस्तों ने दर्जनों परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सह जिला विद्यालय निरीक्षक के दस्ते ने अलग-अलग स्कूलों से दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे नौ मुन्ना भाई को पकड़कर रिस्टीकेट कर दिया।
बोर्ड परीक्षा नकलविहीन एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व आनंद कुमार सहित सचल दस्तों ने विभिन्न परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया। बोर्ड परीक्षा के दौरान कुछ केन्द्रों पर बदइंतजामी देख परीक्षा प्रभारी मनिराम सिंह की त्योरी चढ़ गई। उन्होंने केन्द्र व्यवस्थापकों को व्यवस्था ठीक करने का निर्देश दिया। सह जिला विद्यालय निरीक्षक शिवपूजन द्विवेदी के नेतृत्व वाले दस्ते ने दोनों पालियों में दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे नौ मुन्ना भाइयों को पकड़ लिया। श्री द्विवेदी ने बताया कि सुबह की पाली में हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में स्नातक अंतिम वर्ष की छात्रा को दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा। छात्रा ने बताया कि वह भाभी की परीक्षा दे रही है। एक अन्य केन्द्र पर दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे दो फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ लिया। दूसरी पाली में श्री द्विवेदी के दस्ते ने सैदपुर तहसील क्षेत्र में एक केन्द्र पर दो फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ लिया। एमए के एक छात्र को दूसरे की जगह
तथा एक छात्र को दो परीक्षार्थियों की कापी लिखते पकड़ लिया। उन्होंने कक्ष निरीक्षक को कार्यमुक्त कर दिया। इसके अलावा एडीआईओएस ने एक केन्द्र पर परीक्षार्थियों के पास मोबाइल और पर्स में कागज मिलने पर केन्द्र व्यवस्थापक से कड़ी नाराजगी जताई। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी चन्द्रकेश सिंह यादव के दस्ते ने कई केन्द्रों का निरीक्षण किया। एक केन्द्र पर विद्यालय की छात्राओं को अन्य परीक्षार्थियों से अलग बैठाने पर बीएसए ने आपत्ति जताते हुए सभी को साथ बैठाने का निर्देश दिया। इसके अलावा नरेन्द्र देव पांडेय और वित्त लेखाधिकारी सतीश सिंह के दस्ते ने भी कई केन्द्रों का निरीक्षण किया।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा के पहले दिन हाईस्कूल में 94903 परीक्षार्थियों में से 72096 परीक्षा में शामिल रहे। 22807 ने परीक्षा नहीं दी।
बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों की उपस्थिति-अनुपस्थिति की सूचना आनलाइन भेजने की व्यवस्था बोर्ड की तरफ से की गई थी। इसके लिए केन्द्रों को सिमकार्ड उपलब्ध कराने के साथ ही प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित किया गया था लेकिन बोर्ड की यह कवायद पहले ही दिन असफल साबित हुई। जमानिया एवं बहरियाबाद संवाददाता के अनुसार, कई विद्यालय के केन्द्र व्यवस्थापक परेशान रहे। इंटरनेट भी इस कार्य में रोड़ा अटकाता रहा। भदौरा संवाददाता के अनुसार, कामाख्या विद्यापीठ इंटर कॉलेज के केंद्र व्यवस्थापक अभिमन्यू सिंह ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में छात्रों की अनुपस्थिति आनलाइन अपडेट करनी है लेकिन साइट जल्द खुल ही नहीं रही है। इससे काफी परेशानी हुई।