गाजीपुर। जिले में 12 पशु चिकित्साधिकारियों के पद रिक्त हैं। यही नहीं 22 पशुधन प्रसार अधिकारियों का अभाव भी खल रहा है। इसके चलते पशुपालकों को दिक्कत महसूस हो रही है। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही है। पशुपालकों को अपने पशुओं के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सालयों एवं पशु सेवा केंद्रों की स्थापना की गई है। इनमें से दर्जन भर पशु चिकित्सालयों पर चिकित्सकों का अभाव कहीं महीनों तो कहीं वर्षों से बना हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार खानपुर, सदर, राजापुर, शादियाबाद, गुम्मा, फुली, धुस्का, बड़सरा, करंडा, सिधौना, भदौरा, परसनी, सम्मनपुर कोरयाडीह में चिकित्सक नहीं हैं। यही नहीं पशु सेवा केंद्रों पर भी पशुधन प्रसार अधिकारियों की कमी है। कटरिया, बसनिया, सेमरा, फाकराबाद, बैरान, मसोन, दुबिहा, रेंगा, सिउरी अमहट, सुहवल, बारा, गोड़उर, सैदपुर भितरी, बिहरा, सुलेमापुर, सिंगेरा, खरडीहा, कठघरा, दाउदपुर, ग्राम समूह इकाई मुहम्मदाबाद, मलिकपुरा और सिधागरघाट में पशुधन प्रसार अधिकारी की कमी पशुपालकों को खल रही है। इस संबंध में प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र प्रसाद ने बताया कि जहां पर पद रिक्त है वहां पास के पशु चिकित्साधिकारी-पशुधन प्रसार अधिकारी को सप्ताह में दो कार्यदिवस में उपस्थित रहने का जिलाधिकारी की ओर से निर्देश दिया गया है।