तहसील के पास के गांवों को नई कासिमाबाद तहसील में शामिल किए जाने को लेकर रोष गहराने लगा है। तहसील बचाओ, गांव बचाओ आंदोलन की ओर से शनिवार को पदयात्रा निकालकर मानव शृंखला बनाई गई। इसमें शामिल
लोगों ने नारेबाजी कर विरोध जताया। 30 जून को मुहम्मदाबाद तहसील मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में अपनी ताकत का एहसास कराने की अपील की।
गड़ेसर में सत्यनारायण के हाता में तहसील बचाओ, गांव बचाओ आंदोलन की बैठक में किसान सभा बाराचवर के अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह ने कहा कि तहसील के पास के गांवों के नई तहसील में समायोजन होने से सबसे अधिक
समस्या गरीबों और किसानों को होगी। उन्होंने किसानों से एकजुट होकर तहसील बचाने का आह्वान किया। पूर्व प्रमुख चंदा यादव ने कहा कि मुहम्मदाबाद तहसील को बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। हर स्तर पर इसके लिए
संघर्ष किया जाएगा। कहा जनता की सुविधा के लिए नई तहसील कासिमाबाद बनाई गई है लेकिन यहां के अधिकारियों ने तहसील परिसीमन में जनता की सुविधा को ध्यान में नहीं रखा। इस कारण पांच से 12 किलोमीटर के गांवों को 35
से 40 किलोमीटर दूर भेज दिया। कहा कि सेवराई 114 ग्रामों की तहसील बन सकती है तो कासिमाबाद को 500 से ऊपर ग्रामों की तहसील बनाने का क्या औचित्य है। उन्होंने महिलाओं और युवाओं से 30 जून को होने वाले
धरना-प्रदर्शन में अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। इस दौरान शिवाजी गुप्त, रविन्द्र, संजय यादव, हरेन्द्र, अनिल, धनंजय उपाध्याय, लीलावती, भीष्म तिवारी, सत्यनारायण, योगेन्द्र सिंह, रामसिंहासन आदि ने विचार व्यक्त किया।
अध्यक्षता बालेश्वर सिंह और संचालन रामअवतार प्रधान ने किया। इससे पहले रविन्द्र राम, काशीनाथ, हरेन्द्र राम, मनतोष गोड़, छेदी राजभर, योगेन्द्र सिंह, रजवती राजभर के संयुक्त नेतृत्व में रजेला दलित बस्ती से बैरान तिराहा मार्ग
तक मानव श्रृंखला बनाकर मुहम्मदाबाद तहसील में बने रहने का संकल्प लिया गया। गड़ेसर प्राथमिक विद्यालय से रजेला प्राथमिक विद्यालय तक बालेश्वर सिंह, रामविकास सिंह, सुदामा मिश्र, हरेन्द्र राजभर, कलावती के संयुक्त
तत्वावधान में मानव शृंखला बनाकर अपनी मांगों के समर्थन में नई तहसील कासिमाबाद में समायोजन रद्द करने की मांग की गई। पदयात्रा में अनिरुद्ध तिवारी, पवन तिवारी, संजय सिंह, शोभा सिंह, विकास गुप्त, विजयशंकर ओझा आदि शामिल थे।