जिलाधिकारी आर्यका अखौरी के निर्देश पर शुक्रवार को जल निगम निर्माण खंड नगरीय के प्रभारी अधिशासी अभियंता ने सीवरेज पाइप लाइन बिछाने वाले फर्म के मालिक एवं कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि सीवरेज पाइप लाइन बिछाने और सड़क निर्माण में मानक के विपरीत और गुणवत्ता विहीन कराया गया है।
जल निगम निर्माण खंड नगरीय के प्रभारी अधिशासी अभियंता सत्येंद्र कुमार द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया कि सीवरेज योजना फेज एक एवं फेज दो के अनुबंध के अनुरूप सीवर लाइन का कार्य पूर्ण करा दिया गया। जबकि इसके अनुरूप सड़क निर्माण नहीं किया गया। निर्माण के प्रयोग में लाई गई सामग्री की गुणवत्ता मानक के विपरीत होने के कारण पीजी कालेज चौराहा से पुलिस लाइन की तरफ जाने वाली सड़क खुदाई वाले स्थान के अलावा कई स्थानों पर सड़क धंस गई है।
स्पष्ट है कि ठेकेदार द्वारा मानक के अनुरुप सामग्री का प्रयोग नहीं किया गया है। इस कारण सीवर लाइन वाली सड़क जगह-जगह धंस रही है। वहीं पीजी कालेज से आदर्श बाजार एवं आदर्श बाजार से एसपी आवास होते हुए दुर्गा मंदिर तक की सड़क और फर्म के तरफ से कराए गए कार्य के सापेक्ष 1510 वर्ग मीटर सड़क एवं सीसी रोड 49 वर्ग मीटर जांच में क्षतिग्रस्त पाई गई। अनुबंध के अनुसार मार्ग के मरम्मत के नाम पर 2990537 धनराशि का दुरुपयोग किया गया है।
फर्म द्वारा अनुबंध के समय हुए संविदा की शर्तों का पालन नहीं किया गया। फर्म द्वारा सड़क निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री मानक के अनुरूप न होने के कारण जगह-जगह टूट गई । वहीं सड़क टूटने के कारण दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
इस संबंध में जल निगम निर्माण खंड नगरीय प्रभारी अधिशासी अभियंता सत्येंद्र कुमार ने बताया कि डीएम के निर्देश पर गाजियाबाद के फर्म संचालक सतीश कुमार और फर्म से संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। शहर कोतवाल तेज बहादुर सिंह ने बताया कि अधिशासी अभियंता की तहरीर पर फर्म के मालिक एवं कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्जकर छानबीन शुरू कर दी गई है।