जमानिया। करीब साढ़े तीन महीने बाद सोमवार को महिला की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मासूम बेटे के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। पीड़िता ने अपनी सगी बहन, बहनोई और सगे भाई को बेटे के अपहरण का आरोपी बनाया है।
देवैथा गांव निवासी पुष्पा देवी ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर गुहार लगाई थी कि विगत दो फरवरी को उसकी बहन सिमरन अपने पति मुकेश राजपूत के साथ घर आई और उसके पांच वर्षीय बेटे को अगवा कर भाग गई। पीड़िता और उनके पति रामविलास को जानकारी हुई कि सिमरन और उसका पति घर पर नहीं हैं। उनका बेटा भी गायब है।
जब पीड़िता ने बहन से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल बंद मिला। तब पीड़िता ने सगे भाई संजय गुप्ता को फोन किया तो उसने बताया कि पति-पत्नी घर पर मौजूद नहीं हैं। पीड़िता ने बताया कि गत सात फरवरी को जमानिया कोतवाली में प्रार्थना पत्र दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। किसी तरह पुलिस के जरिये बहन के मोबाइल लोकेशन को ट्रैस कराया गया तो पता चला कि उसका लोकेशन फिरोजपुर जिले के रामराज सैफपुर गांव में है।
बावजूद इसके स्पष्ट पता नहीं चल रहा है कि वह कहां पर है। आशंका है कि बहन सिमरन और उसके पति मुकेश राजपूत बच्चे का अपहरण कर पैसा वसूलने और पैसा न देने पर बच्चे की हत्या कर देना चाहते हैं। गत 10 फरवरी को रजिस्टरी के जरिये एसपी को भी मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थनापत्र भेजा गया था। इस दौरान पीड़िता अपने पति के साथ मायके बघरी पहुंची। वहां सगे भाई संजय गुप्ता से बच्चे के संबंध में जानकारी ली लेकिन उसने हीलाहवाली करने के साथ गाली देकर घर से भगा दिया। आरोप लगाया कि इस पूरे षड्यंत्र में सगा भाई साजिशकर्ता है। न्यायालय के दखल के बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।