गाजीपुर। मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी के खिलाफ शरण देने के आरोप में मुहम्मदाबाद कोतवाली पुलिस ने रविवार को मुकदमा दर्ज कर लिया। साथ ही गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। शनिवार की देर रात मंसूर के घर से गिरफ्तार शाहिद मनोज राय हत्याकांड व बाराबंकी एबुलेंस कांड का आरोपी है और आईएस 191 गैंग का सदस्य है। इधर एक बार फिर पुलिस की कार्रवाई से संगठित अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों में खलबली मच गई है।
मालूम हो कि 15 जुलाई 2005 को मनोज राय की हत्या कर दी गई थी। मनोज राय के पिता शैलेंद्र राय ने 2023 में मुहम्मदाबाद कोतवाली में मुख्तार अंसारी, शाहिद, सुरेंद्र गौस और मोइनुद्दीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। शाहिद के खिलाफ न्यायालय ने एनबीडब्ल्यू जारी किया गया था। पुलिस गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। शनिवार की शाम मुख्तार के चचेरे भाई मंसूर अंसारी के घर पर पुलिस ने दबिश देकर शाहिद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने शाहिद का तो चालान कर दिया, लेकिन आरोपी शाहिद को शरण देने के आरोप में पुलिस ने मंसूर अंसारी के खिलाफ मुहम्मदाबाद कोतवाली में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्जकर तलाश शुरू कर दी है।
ये है बाराबंकी एंबुलेंस फर्जीवाड़ा
गाजीपुर। मुख्तार अंसारी के पंजाब जेल में बंद होने के दौरान अदालत से लाने व ले जाने के लिए प्रयोग की जा रही एंबुलेंस का पंजीकरण फर्जी दस्तावेज से कराया गया। पंजीकरण बाराबंकी का पाया गया था। इस पर करीब एक साल पहले नगर कोतवाली में मुख्तार अंसारी समेत 13 पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें शाहिद का नाम भी शामिल था। शाहिद 25 हजार का इनामी के साथ-साथ गैंगस्टर एक्ट का भी वांछित है।
मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी पर पूर्व में गैंगस्टर एक्ट के तहत बेनामी संपत्ति के तहत कार्रवाई हो चुकी है। मंसूर अंसारी ने शाहिद को पनाह दी थी। मंसूर अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज उसकी तलाश चल रही है। गिरफ्तार शाहिद मनोज राय हत्याकांड में भी शामिल था और बाराबंकी एंबुलेंस फर्जीवाड़ा का भी आरोपी है। इसके खिलाफ वहां गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हुई है। - ओमवीर सिंह, एसपी गाजीपुर