गाजीपुर। जिले में झोलाछाप और अवैध अस्पतालों के खिलाफ सीएमओ ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को उनके निर्देश पर कासिमाबाद, मिर्जापुर, सुभाखरपुर और भदौरा सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारियों ने चार अवैध अस्पतालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। अमर उजाला अभियान के तहत अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पतालों एवं झोलाछाप के खिलाफ प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की तंद्रा टूटी है। बीते तीन -चार वर्षों से झोलाछाप और अवैध अस्पतालों के चंगुल में फंसने से प्रसूताओं, गर्भवती महिलाओं और नवजातों की हुई मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था। यहीं नहीं पंजीकृत अस्पतालों के संचालन के लिए डॉक्टर के एमबीबीएस डिग्री पर लाइसेंस लेने का खेल काफी लंबे समय से चल रहा है। इसका परिणाम यह होता है कि अस्पताल का संचालन कर रहे संचालक ही डॉक्टर बनकर उपचार करते हैं और मरीज की मौत हो जाती है। इनके इस पूरे करस्तानी को अमर उजाला ने अभियान चलाकर प्रमुखता से प्रकाशित करना शुरू कर दिया। अमर उजाला ने सात सितंबर को पेज नंबर तीन पर क्लीनिक के लाइसेंस पर चल रहे अस्पताल शीर्षक के साथ खबर लिखकर अभियान की शुरूआत की। अभियान के दूसरे दिन आठ सितंबर को पेज नंबर तीन पर झोलाछाप ले रहे प्रसूताओं की जान सिर्फ कागजों तक सिमटी कार्रवाई शीर्षक के साथ खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की तंद्रा टूटी और ऐसे झोलाछापों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
झोलाछाप और अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। सोमवार को कासिमाबाद, मिर्जापुर, सुभाखरपुर सहित चार जगहों के सीएचसी चिकित्साधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कराया है। यह कार्रवाई निरंतर चलती रहेगी। निगरानी के लिए ठोस कदम भी उठाये जा रहे हैं। - डाॅ. एसके पांडेय, सीएमओ