इलाके के मसूदपुर गांव के विकास के लिए भेजे गए 15 लाख 398 रुपये के गबन के मामले में सचिव सहित और दो पूर्व ग्राम प्रधानों पर शादियाबाद थाने में शुक्रवार को मुकदमा दर्ज किया गया। जांच में गबन का मामला सही मिला है। इसके बाद जिलाधिकारी संजय खत्री के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है। केस दर्ज होने के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारी तथा जनप्रतिनिधियों में हड़कंप मचा हुआ है।
मसूदपुर गांव निवासी असलम अहमद सिद्दीकी ने करीब तीन साल पहले तत्कालीन डीएम से विकास कार्यों में व्यापक पैमाने पर गोलमाल किए जाने की शिकायत कर जांच की मांग की थी। डीएम के आदेश पर विकास कार्यों की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में वर्ष 2005 से 2010 तक प्रधान रही बबूना देवी पर 93 हजार 836 रुपये तथा वर्ष 2010 से 2015 तक ग्राम प्रधान रहे शमशेर खान उर्फ शेरू पर छह लाख 15 हजार 861 रुपये और सचिव अनिल यादव पर सात लाख नौ हजार 701 रुपये पैसा गबन करने का मामला प्रकाश में आया है। जबकि वर्ष 2010 से 2015 तक रहे शमशेर खान उर्फ शेरू अभी भी वर्तमान समय में गांव के प्रधान भी हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर तीनों आरोपियों पर स्थानीय थाने में गबन का मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। इस संबंध में सीओ रामकिशुन प्रसाद ने बताया कि मुकदमा दर्ज हुआ है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।