अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की तरफ से शुक्रवार की रात शहर के कलेक्टर घाट पर गंगा पूजन एवं दशावतार की झांकी निकाली गई। जिसे देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए और जय श्रीराम के उद्घोष करने लगे।
श्रीराम लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद महाराज विभीषण को लंका का राज-पाठ देकर पुष्पक विमान से लंकापति महाराज विभीषण, सुग्रीव अंगद एवं हनुमान के साथ अयोध्या के लिए प्रस्थान करते है। अयोध्या आकर नगरवासियों और माता सीता के साथ गंगा घाट पर पहुंचते है। माता सीता पतित पावनी मां गंगा का विधि-विधान पूजन-अर्चन करती हैं। पूजन के बाद श्रीराम अपने भक्तों को दशावतार के विष्णु, राम, कृष्ण, कच्छ, मच्छ, बामन, नृसिंह, वाराह परशुराम, बलि भृगु सहित दश रूपों में अपना अवतार दिखाते हैं।
जब-जब धर्म की हानि हुई और असुरों का अत्याचार बढ़ता जाता है, भगवान अवतार लेकर लोगों का उद्धार करते हैं। इस दृश्य को देखकर सैकड़ों की संख्या में नर-नारियां जय श्रीराम का जयघोष करने लगी। इसके पश्चात रामलीला मंडली एवं चित्रकूट से आये कलाकारों ने भक्तिमय संगीत एवं नृत्य का प्रदर्शन कर लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष दीनानाथ गुप्ता, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी बच्चा, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबंधक जैमिनी दत्त त्रिवेदी, सहायक प्रबंधक शिवपूजन तिवारी, योगेश वर्मा, कोषाध्यक्ष अभय कुमार अग्रवाल, केबी त्रिवेदी, असित सेठ आदि का सहयोग रहा।