जैन श्वेताम्बर 13 पंथी महासभा कोलकाता के राज्य अतिथि पुरस्कार से सम्मानित आचार्य महाश्रवण के नेतृत्व में दिल्ली से निकली अहिंसा यात्रा बुधवार को हनुमान सिंह इंटर कालेज देवकली पहुंची।
इस मौके पर आयोजित प्रवचन में आचार्य महाश्रवण ने कहा कि किसी भी राष्ट्र, समाज और परिवार की उन्नति एवं शांति के लिए पारस्परिक सद्भाव आवश्यक होता है।
उन्होंने कहा कि जब तक मानव परस्पर धोखा-धड़ी करता रहेगा, तब तक सुख-शांति का अनुभव नहीं कर सकता है। वर्तमान परिवेश में अनैतिकता प्रमुख समस्या बन गई है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मानव को नशा मुक्ति का संकल्प लना चाहिए। किसी भी जाति-धर्म-वर्ग, संप्रदाय और क्षेत्र का व्यक्ति अहिंसा यात्रा का सहभागी बन सकता है।
बताया कि अहिंसा यात्रा की शुरुआत 9 नवंबर 2014 को दिल्ली से हुआ, जो दर्जनों राज्यों का भ्रमण करते हुए नेपाल पहुंचेगी। अगला पड़ाव पांच मार्च को कुसुम्ही कला एवं छह मार्च को गाजीपुर होगा। अहिंसा यात्रा में देश के सभी राज्यों को श्वेताम्बर धारी शामिल हैं। इस मौके पर अवधनारायण सिंह, उदयनाथ, हरिश्चंद्र, प्रहलाद यादव, रामनाथ चौहान, जग्गन प्रजापति सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।