औड़िहार जंक्शन पर यात्री सुविधाओं का शीघ्र ही विस्तार किया जाएगा। बुकिंग आफिस नए कलेवर में होगा। जंक्शन के आकर्षक लुक के लिए निर्माण खंड के अधिकारियों से विचार करते हुए पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने कहा
कि दिसंबर 15 के अंत तक औड़िहार-मंडुआडीह रेल लाइन का दोहरीकरण का कार्य संपन्न हो जाएगा। औड़िहार-मंडुआडीह रेलवे लाइन के दोहरीकरण के कार्य का स्थलीय निरीक्षण करने के क्रम में शुक्रवार को औड़िहार जंक्शन पर आए
राजीव मिश्र ने जंक्शन पर एक घंटे से ज्यादा समय रुककर यात्री सुविधाओं तथा रेल की विभिन्न कार्य प्रणालियों का सघन निरीक्षण किया। वाराणसी से सड़क मार्ग से सुबह लगभग 9 बजे पहुंचे महाप्रबंधक ने बुकिंग कार्यालय का निरीक्षण
किया। प्लेटफार्म नंबर-1 पर यात्री सुविधाओं की जानकारी लेने केे बाद फुट ओवरब्रिज पर पहुंचे श्री मिश्र पुल पर संकेतक बोर्ड न होने पर भड़क उठे। प्लेटफार्म नंबर-2-3 के बीच बन रहे यात्री विश्रामालय के निर्माण प्रगति पर सीनियर डीईएन-2
राहुल श्रीवास्तव से जानकारी ली। दिसंबर के पहले कार्य समाप्त कराने को कहा। प्लेटफार्म नंबर-2 पर बेंचों के अभाव में जमीन पर बैठे यात्रियों को देखकर उन्होंने स्टेशन अधीक्षक एसके भट्टाचार्य से संबंधित विभाग क माध्यम से पर्याप्त बेंच
लगवाने को कहा। प्लेटफार्म नंबर-3 पर महिला यात्री विश्रामालय में सुविधाओं का जायजा लिया। साफ-सफाई पर संतोष व्यक्त हुए महाप्रबंधक मिश्र ने कहा कि इस बड़े जंक्शन पर भविष्य में होने वाले यात्री बोझ के चलते सुविधाओं का
विस्तार आवश्यक है। इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) एचएल वर्मा, मुख्य इंजीनियर निर्माण एचके सिंह, मुख्य वाणिज्य प्रबंधक एसी लाठे, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक पीसी जायसवाल, मुख्य सिग्नल इंजीनियर एचके
अग्रवाल, उप मुख्य इंजीनियर निर्माण एके मिश्र, सहायक मंडल अभियंता (बलिया) आनंद वर्द्धन, वरिष्ठ मंडल सिग्नल अभियंता मानवेन्द्र सिंह, एसके सेठ, आनंद भार्गव, रेल सुरक्षा बल कमांडेंट राकेश कुमार शर्मा, प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ
एसके मिश्र मौजूद रहे। वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक पीसी जायसवाल ने पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र को जिले की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत के बारे में बताया। उन्होंने महाप्रबंधक को बताया कि औड़िहार जंक्शन से 10 किलोमीटर
दूर कैथी (वाराणसी) मारकंडेय महादेव का प्राचीन मंदिर है। सैदपुर तहसील मुख्यालय से सात किमी और जंक्शन से 11 किमी दूर भितरी गांव में गुप्तकालीन अवशेष है। मिश्र ने कहा कि ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थल के चलते इस जंक्शन का
महत्व है। आने वाले दिनों में यातायात सुविधाओं के विस्तारीकरण में रेलवे का दायित्व और बढ़ेगा। जंक्शन का मुख्य द्वार आकर्षक एवं बहुउद्देशीय होगा।
मुंबई के लिए 14 से 16 जुलाई तक नहीं चलेंगी ट्रेनें
क्षेत्र के लोगों को मुंबई तक की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बुरी खबर है। 14 से 16 जुलाई तक इस रूट की सभी ट्रेनों का परिचालन बाधित रहेगा। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में पड़ने वाले इटारसी स्टेशन पर रूट रिले
इंटरलाकिंग में आग लगने के कारण स्वचालित सिंगनल सिस्टम पूरी तरह से ठप हो गया है। इसके चलते गोरखपुर-वाराणसी एवं छपरा-वाराणसी रेल खंड पर चलने वाली मुंबई की ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
जिले के अधिकांश लोग रोजगार के सिलसिले में मुंबई, पुणे एवं सूरत जाते हैं। इन जगहों पर जाने के लिए लोग छपरा-वाराणसी एवं गोरखपुर-वाराणसी रेलखंड पर मुबंई, पुणे और सूरत तक चलने वाली ट्रेनों से यात्रा करते हैं। इससे
दोनों रेलखंडों पर पड़ने वाले स्टेशनों से टिकट की बिक्री ज्यादा होने से विभाग को काफी लाभ होता है। इटारसी स्टेशन पर इंटरलाकिंग सिस्टम में आग लग जाने के चलते 17 जून से मुंबई, पुणे और सूरत तक चलने वाली सभी एक्सप्रेस एवं
मेल ट्रेनों का संचालन बाधित है। विभाग की ओर से स्वचालित-सिंगनलिंग सिस्टम के मरम्मत कार्य अभी जारी रहने से 14 से 16 जुलाई तक लोकमान्य से गोरखपुर 15017 लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, गोरखपुर से लोकमान्य तक चलने
वाली 15018 एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक से छपरा तक जाने वाली 11059 छपरा एक्सप्रेस, लोकमान्य से दरंभगा 11065 दरभंगा एक्सप्रेस, दरभंगा से लोकमान्य 11066 दरभंगा एक्सप्रेस 14 जुलाई को नहीं चलेगी। 15 जुलाई को 11033 पूणे
दरभंगा एक्सप्रेस, 19046 छपरा सूरत एक्सप्रेस निरस्त है जबकि 16 जुलाई को 11059 लोकमान्य तिलक-छपरा एक्सप्रेस, 19045 सूरत-छपरा एक्सप्रेस, 15017 लोकमान्य तिलक गोरखपुर एक्सप्रेस एवं 15018 गोरखपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस का संचालन रेलवे की ओर से रद्द कर दिया गया है।