मोबाइल लेन-देन के विवाद में मंगलवार की रात व्यवसायी पुत्र को अगवा कर लेकर भाग रहे नौ युवकों को कोतवाली एवं करंडा पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया। पुलिस ने अपहरण में प्रयुक्त चार बाइक भी बरामद की है। आरोपियों ने
व्यवसायी को भी उठाया था लेकिन रास्ते में उसे उतार दिया। घटना की सूचना मिलने पर हरकत में आई पुलिस ने घेराबंदी कर परमेट गांव के पास से व्यवसायी पुत्र को मुक्त कराते हुए नौ अपहृताओं को दबोच लिया। इस मामले में
व्यवसायी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने दस लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली गलौज और अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया है।
जानकारी के अनुसार, भटौली गांव निवासी रामबचन यादव की भटौली चट्टी पर मिठाई और चाय की दूकान है। उसने अपना मोबाइल बनाने के लिए मैनपुर निवासी रोहित उर्फ पंकज को दिया था। रोहित पहले दूकान चलाता था लेकिन
बाद में उसने दूकान बंद कर दी थी जिससे वह रामबचन का मोबाइल नहीं बना पाया था। इसके बदले रामबचन ने उससे दूसरा मोबाइल लिया था। बाद में रोहित ने अपना मोबाइल मांगा तो रामबचन ने अपना मोबाइल मांग लिया। इसको
लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी विवाद को लेकर रोहित मंगलवार की रात अपने नौ साथियों के साथ चार मोटरसाइकल से भटौली पहुंचा। युवकोें ने रामबचन और उसके दस वर्षीय पुत्र दुर्गेश को जबरन
मोटरसाइकल पर बैठाया। युवकों ने रास्ते में रामबचन को उतार दिया। गांव के किसी व्यक्ति ने इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी को दे दी। एसपी के आदेश पर शहर कोतवाली पुलिस और करंडा पुलिस ने रात में ही
घेरेबंदी कर अपहर्ता नौ युवकों को गिरफ्तार कर लिया और दुर्गेश को बरामद कर लिया। गिरफ्तार किए गए अपहर्ताओं में मैनपुर, करंडा निवासी रोहित उर्फ पंकज, मुसाफिर बिंद, मनोज यादव, सोनू यादव, अंकित यादव, राजू यादव,
अवतार बिंद, बयेपुर देवकली निवासी राहुल यादव और छोटू यादव शामिल हैं। एक आरोपी श्याम बिहारी फरार है।