गाजीपुर। भीषण गर्मी से आमजन बेहाल हैं। दोपहर में तो गर्म हवा के चलने से लोगों का बाहर निकलना दूभर है। बीते दस दिनों से जिले का तापमान 40 पार चल रहा है। शनिवार को जनपद का अधिकतम तापमान शनिवार को 44.9 और न्यूनतम 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धूप और गर्मी का असर यह है कि एक महीने से बाजार सुनसान हैं। ऐसे में व्यापार प्रभावित हो रहा है। कपड़ा कारोबार 50 प्रतिशत तो, फुटवियर का धंधा 70 प्रतिशत मंदा चल रहा है। शनिवार को जनपद का अधिकतम तापमान शनिवार को 44.9 और न्यूनतम 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सुबह 10 बजे से ही नगर की सड़कें तवे की तरह तपने लगी थीं। दोपहर 12 बजते ही सूरज आग उगल रहा है। इस दौरान दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा। गर्मी के चलते आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर कपड़ा, राशन से लेकर कई व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। शादी को देखते हुए ज्वेलरी आइटम की खरीदारी के लिए ग्राहक शाम को दुकानों में पहुंच रहे हैं। रेडीमेड दुकानदार राज कुमार ने बताया कि गर्मी के चलते बाजार में बिक्री 50 फीसदी से अधिक गिरावट दर्ज की गई। दूर दराज के ग्राहक गर्मी के चलते बाजार नहीं आ रहे हैं, इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। मिश्र बाजार में साड़ी व्यवसायी विनय कुमार बताते हैं कि गर्मी से व्यवसाय पर काफी असर पड़ा है। दुकानों पर ग्राहक नहीं चढ़ रहे हैं। 50 प्रतिशत तक का व्यवसाय प्रभावित हुआ है। पहले सात-आठ हजार रुपये प्रतिदिन का व्यापार होता था, लेकिन अब तीन-चार हजार पर सिमट गया है। वहीं, किराना व्यवसायी शुभम अग्रवाल का कहना है कि चिलचिलाती धूप के कारण ग्राहक घरों से नहीं निकल रहे हैं। इसका प्रभाव व्यवसाय पर पड़ा है। प्रतिदिन तीन-चार हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। 25 प्रतिशत तक व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। महुआबाग में फुटवियर के विक्रेता मृदुल भास्कर का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान के कारण बाजार में रौनक नहीं दिखाई दे रही है। बाजार में सियापा छाया रह रहा है। फुटवियर का व्यवसाय 70 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ है।
रोजाना बिक रहे 10-12 एसी
ददरी घाट में इलेक्ट्रानिक्स व्यवसायी श्यामजी ने बताया कि गर्मी के कारण इलेक्ट्रानिक व्यवसाय काफी अच्छा चल रहा है। प्रतिदिन 10-12 एसी और 20 कूलर बिक जा रहे हैं।
सब्जियों के पैदावार में आई 50-60 फीसदी की गिरावट
गाजपुर। शरीर को झुलसा देने वाली वाली गर्मी और हवा के गर्म झोंके ने सब्जी उत्पादकों की कमर तोड़ दी है। स्थिति यह हो गई है कि फल लगने से पहले ही फूल झुलस जा रहे हैं। पैदावार में करीब 50-60 फीसदी की गिरावट आ गई है। जबकि, एक सप्ताह के अंदर प्रायः हरी सब्जियों के दाम दोगुना हो गए हैं। आसमान से बरस रही आग के कारण सब्जी फसलों की बढ़वार काफी कम हो गई है। सिंचाई करने के बाद भी पौधों में हरियाली नहीं दिखती है। मौसम की मार के आगे किसान त्राहिमाम कर हैं तो महंगी सब्जियां खरीद- खरीद कर खरीदार पस्त हो रहे हैं।
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