कासिमाबाद। सरकारी गेहूं खरीद केंद्र की हालत दयनीय है। पिछले दो माह से खरीदारी की गति धीमी होने से गेहूं से लदी ट्रालियां कई दिनों से खड़ी हैं। ऐसे में किसानों में नाराजगी है। ब्लॉक मुख्यालय पर गेहूं खरीद के लिए मार्केटिंग के केंद्र को खरीद केंद्र बनाया गया है। जब से गेहूं खरीद प्रारंभ हुई है उसकी धीमी गति होने के कारण किसानों को कई-कई दिन तक ट्रैक्टर ट्राली केंद्र पर खड़ा करना पड़ रहा है। बूंदाबांदी के मौसम में किसानों को डर है कि कहीं गेहूं बरसात में भीग न जाए। विपणन केंद्र के प्रभारी की मानें तो अब तक 170 किसानों से 8067 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। विकासखंड के दो केंद्र सातनपुर और अलावलपुर में खरीद पूरी तरह से बंद है। किसानों का आरोप है कि गेहूं की खरीद काफी धीमी गति से की जा रही है। इससे पूरे दिन में दो से तीन किसानों से ही खरीद हो पा रही है। जबकि अभी सैकड़ों किसान अपना गेहूं बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि विकासखंड में कई केंद्र होने के बाद भी किसानों की समस्या दूर नहीं हो रही है। उप जिलाधिकारी भारत भार्गव ने बताया कि केंद्र पर पैसे और बोरे पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है जो किसान केंद्र पर पहुंचेंगे उनकी खरीद हर हालत में की जाएगी।