कासिमाबाद उप जिलाधिकारी कमलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में रविवार को अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाया गया। बाजार में बुलडोजर चलाकर कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। अभियान में चले बुलडोजर से सबसे ज्यादा नुकसान गुमती, टीन सेड में पेट पालने वाले गरीबों की दुकानों के टूटने से हुआ है। मालूम हो कि चौक, कस्बों, बाजारों के साथ प्रमुख मार्गों पर जाम न लगे एवं आवागमन सुचारू रूप से चलता रहे को ध्यान में रखकर अतिक्रमण मुक्त अभियान पूरे जिले में चलाया जा रहा है। इस अभियान में बुलडोजर सिर्फ अस्थाई रूप से गूमती, झोपड़पट्टी के साथ टीन सेड में अपनी जीविका चला रहे दुकानदारों पर चलते देखा गया। पीडब्ल्यूडी ने जो मानक तय किया उसके अनुसार कासिमाबाद युसुफपुर मार्ग के साथ कासिमाबाद मऊ मार्ग के मध्य से एक तरफ 40 फीट खाली कराना है। इसी तरह कासिमाबाद गाजीपुर मार्ग एवं कासिमाबाद रसड़ा मार्ग पर 33 फीट मध्य सड़क से खाली रखना है। दुकानदारों का कहना है कि कासिमाबाद गाजीपुर मार्ग के साथ कासिमाबाद रसड़ा मार्ग की चौड़ाई बीस फीट के आसपास है। इसके बाद मार्ग के दोनों तरफ किसानों की अपनी निजी भूमि है। इन दोनों मार्गों पर किसी भी किसान को मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। वर्तमान समय में इस मार्ग को स्टेट मार्ग का दर्जा दे दिया गया है। जबकि किसानों को अभी तक इस पर मुवावजा की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस मार्ग पर 50 वर्ष पूर्व की कई मकानों का निर्माण किया जा चुका है। पीडब्लूडी के अधिकारीयों के अनुसार कासिमाबाद अब ये दोनों मार्ग स्टेट मार्ग हो गए हैं। यही कारण है कि अब बर्तमान समय अतिक्रमण की जद में आ रहे हैं। आरोप है कि जिला प्रशासन बिना मुआवजा दिए ही काश्तकारों की भूमि पर बनाए गए दुकानों एवं मकानों को कैसे तोड़ दिया जा रहा है। यह कार्रवाई पूरी से गलत है। आज चलाए गए अभियान में तहसील तिराहे से लेकर चौक तक एवं कासिमाबाद मऊ मार्ग पर बड़ागांव तक चलाया गया। उपजिलाधिकारी कासिमाबाद कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि अतिक्रमण मुक्त अभियान सोमवार को भी जारी रहेगा इस अभियान में प्रमुख रूप से क्षेत्राधिकारी विजय आनंद साहिब थाना अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव पीडब्ल्यूडी बिजली विभाग के जेई मौजूद रहे।