फोरम ऑफ बीएसएनएल यूनियन एसोसिएशन के बैनर तले अपनी बीस सूत्री मांगों को लेकर अधिकारियों-कर्मचारियों ने मंगलवार को हड़ताल कर धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गई तो संघर्ष को धार देने पर विवश होंगे।
इस मौके पर कर्मचारियों ने उपकरणों की खरीद के साथ ही बीएसएनएल को घाटा करने वाली ग्रामीण सेवाओं के लिए क्षतिपूर्ति करने एवं सेवाओं के विस्तार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने की मांग की। कहा कि बीएसएनएल एवं एमटीएनएल के विलय पर रोक लगाई जाए।
निदेशकों के पद भरकर बीएसएनएल को उसकी संपत्तियों को ट्रांसफर किया जाए। बीएसएनएल सेवाओं को केन्द्र, राज्य सरकार के लिए अनिवार्य करने की मांग की। इसके साथ ही डेलोइटी कमेटी की बीएसएनएल विरोधी सिफारिशों को रद्द कर 67 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम चार्जेज को रिफंड करने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो अधिकारी-कर्मचारी आंदोलन तेज करेंगे। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर हक और अधिकार के लिए आगे आने की अपील की। धरना सभा में एसएनईए के जिला सचिव आतिश कुमार श्रीवास्तव, बीएसएनएलईयू के जिला सचिव सूर्यनाथ सिंह, एनएफटीई के जिला सचिव श्यामलाल, मुख्य लेखाधिकारी जेपी ओझा, शैलेन्द्र राय, मेवालाल, आरपी सिंह आदि मौजूद थे।