गंधपा निवासी बीएसएफ जवान की ट्रेन में मौत की सूचना पर रविवार को गांव में मातम छा गया। रविवार को मृत जवान का शव पहुंचते ही घर में चीख-पुकार मच गई।
गंधपा गांव के मौजा सहजा निवासी रामपल यादव के दो पुत्रों में बड़े अखिलेश यादव (42) बीएसएफ की 84वीं बटालियन में बंगलुरु में हेड कांस्टेबिल के पद पर तैनात थे।
वह झारखंड में हुए के बाद छुट्टी पर घर आए थे। छुट्टी खत्म होने पर 29 जनवरी को सद्भावना ट्रेन से वाराणसी एवं वहां से बंगलुरु जा रहे थे। यात्रा के दौरान 30 जनवरी को इटारसी एवं खंडवा के बीच ट्रेन में अचानक तबीयत खराब होने पर अखिलेश की मौत हो गई।
ट्रेन में सवार लोगों ने इसकी जानकारी वहां जीआरपी को दी। जीआरपी ने खंडवा में शव कब्जे में लेकर ट्रेन से उतारा। तत्पश्चात मृत सैनिक के मोबाइल से परिवार और बटालियन में सूचना दी। रविवार को परिवार के लोग पवन एक्सप्रेस से अखिलेश का शव गाजीपुर सिटी स्टेशन ले आए। यहां सदर एसडीएम एके सिंह व सीओ कमल किशोर ने फोर्स संग जवान को सलामी दी। बीएसएफ की गाड़ी से जवान का शव पैतृक गांव पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। पूरा गांव सैनिक की मौत के गम में डूब गया।