दीपावली के दूसरे और तीसरे दिन गोवर्धन पूजा एवं भैयादूज का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया। महिलाओं ने पूजन-अर्चन कर गोधन कूटा। पहले भाइयों की लानत-मलामत की। फिर ऐसा कहने के लिए जीभ में कांटा चुभोकर
माफी मांगी और भाई की लंबी उम्र की कामना की। गोवर्धन की कहानी सुनाने का साथ ही गीत गाया।
गुरुवार और शुक्रवार को शहर के विभिन्न मुहल्लों और ग्रामीण इलाकों में पहले से तय स्थानों पर गोबर से गोधन की
प्रतिमाएं बनाई गईं। इसके बाद विधि-विधान से पूजन किया गया। थाली में रुई की माला, चना, घड़िय़ा, मिठाई, लाई, धतुरा, भटकट्या आदि का अर्पण किया गया। गोधन की कहानी सुनाई गई। गोधन से जुड़े लोकगीतों का गायन किया
गया। पूजा के बाद महिलाओं ने मूसल से गोधन की कुटाई की। भाइयों को बुरा-भला कहा। श्रापने के बाद ऐसा कहने का प्रायश्चित किया और भगवान से उनकी लंबी उम्र की कामना की। गोधन का प्रसाद दूसरे दिन भाइयों को खिलाया
जाता है। बदले में भाई बहनों को उपहार देते हैं। यह भी मान्यता है कि प्रसाद केवल लड़के ही खा सकते हैं, लड़कियां नहीं। भैयादूज पर बहनों ने भाइयों को तिलक लगाकर उनका मुंह मीठा कराया तथा उनके दीर्घायु होने की कामना
की। भांवरकोल, करीमुद्दीनपुर, दूबिहा, मुहम्मदाबाद, दिलदारनगर, भदौरा, मतसा, जमानिया, दुल्लहपुर, मरदह, बिरनो, जंगीपुर, खानपुर, औड़िहार, सैदपुर, नंदगंज, देवकली, सादात, भीमापार, शादियाबाद, बहरियाबाद, जखनिया, ताजपुर
डेहमा, करंडा सहेड़ी आदि ग्रामीण क्षेत्रों में भी भैयादूज और गोवर्धन का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया। सुहवल संवाददाता के मुताबिक क्षेत्र में गोवर्धन पूजनोत्सव मनाया गया। महिलाएं युवतियों ने गाय के गोबर से लेप कर
गोधन कूटा। क्षेत्र के सुहवल, रेवतीपुर, ढढनी, मेदनीपुर, नवली, गरूवा मकसूदपुर, मलसा, युवराजपुर आदि गावों में गोवर्धन पूजा की गई।
गहमर संवाददाता के मुताबिक महिलाओं ने शुक्रवार को भैया दूज का पर्व मनाया और भाई के दीर्घायु की कामना की। इसके अलावा यदुवंशी समाज के लोगों ने आस्था के साथ गोवर्धन पर्व मनाया और श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। साथ
ही, गौ माता का भी पूजन किया गया। प्रसाद भी वितरण किया गया। गोवर्धन पूजा क्षेत्र के करहिया, बकैनिया, हथौरी, पचौरी, सहित अन्य गांवों में मनाया गया। मुहम्मदाबाद संवाददाता के मुताबिक क्षेत्र में अन्नकूट, गोवर्धन पूजन और चित्रगुप्त पूजन किया गया। मंदिरों में अन्नकूट की पूजा हुई। गोवर्धन पूजन कर महिलाओं ने भाइयों की सलामती की कामना की।
करहिया स्थित मां कामाख्या मंदिर में गुरुवार को अन्नकूट पूजा हुई। मां की प्रतिमा को सोने-चांदी के आभूषणों से सजाया गया था। मंदिर का भव्य श्रृंगार किया गया। महंत सीताराम तिवारी ने अन्य पुजारियों के साथ अन्नकूट
पूजा की। ऐसे मौके पर 56 प्रकार का मिष्ठानों का भोग लगाया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया गया। इस मौके पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।