इस मामले में मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह को नामजद करते अन्य 15 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार के खिलाफ आरोपपत्र प्रेषित किया। दो आरोपियों की विचारण के दौरान मौत हो गई। पिछली कई तारीखों से गवाह उपस्थित होने के बावजूद गवाही न होने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए सेंट्रल जेल वाराणसी के जेलर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा था।
कई तारीखों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लिंक न मिलने के कारण अभियुक्त बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह अदालत में हाजिर नहीं हो पा रहे थे। इससे गवाह रमेश राम की गवाही नहीं हो पा रही थी। अदालत ने 16 अगस्त को अभियुक्तों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित जेलरों मिर्जापुर और वाराणसी को आदेश की प्रति भेजने का आदेश दिया था।