भांवरकोल क्षेत्र के कुंडेसर चट्टी पर 24 वर्ष पूर्व हुए तिहरे हत्याकांड
के मामले में गुरुवार को आरोपी बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को फास्ट ट्रैक
कोर्ट रूपेश रंजन की अदालत में पेश किया गया। इस दौरान गवाह जगन्नाथ सिंह
का बयान दर्ज किया गया। शेष जिरह के लिए 30 जनवरी की तिथि मुकर्रर की गई।
साथ ही पीलीभीत से त्रिभुवन को लेकर आए पुलिस अधिकारी की अर्जी पर अदालत ने
साक्ष्य चलने तक आरोपी त्रिभुवन को वाराणसी सेंट्रल जेल में रखने का आदेश
दिया।भांवरकोल थाना क्षेत्र के कुंडेसर चट्टी पर दो मई 1991 को रात नौ
बजे तत्कालीन विधानसभा सदस्य प्रत्याशी अफजाल अंसारी के प्रचार वाहन पर
अंधाधुंध फायरिंग की गई।
इसमें कुंडेसर चट्टी के एक दूकानदार समेत तीन लोग
झिंगुरी साहू, सुरेंद्र राय और कमला सिंह की मौत हो गई थी और जगन्नाथ सिंह,
दीनानाथ राय एवं रामेश्वर घायल हुए थे। इस मामले में भांवरकोल थाना में
अताउर्रमान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग के
जरिये गवाहों की गवाही हुई थी। मुकदमा अंतिम दौर में था कि इसी दौरान
जगन्नाथ सिंह की ओर से हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया गया कि गवाहों को
न्यायालय में तलब कर साक्ष्य लिया जाए। हाईकोर्ट ने मामले का विचारण त्वरित
गति करने का आदेश दिया था।
इस मामले में आरोपी त्रिभुवन सिंह को पीलीभीत
जेल और बृजेश सिंह को सेंट्रल जेल वाराणसी से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच
लाकर गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश किया गया।
जगन्नाथ सिंह की
गवाही दर्ज होने के बाद बृजेश सिंह के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह ने गवाह से
जिरह किया, जबकि त्रिभुवन सिंह की ओर से जिरह पूरी नहीं हो सकी।गवाही के
लिए अदालत ने 30 जनवरी की तिथि तय की है।