रेलवे जिले को नए साल पर तोहफा देने जा रहा है। भटनी-औड़िहार मार्ग पर अब ट्रेनें क्रासिंग के चक्कर में अटकेंगी नहीं। साथ ही इस रूट पर रेलगाड़ियों की रफ्तार भी बढ़ेगी। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बताया कि नए साल में भटनी औड़िहार रेलखंड के दोहरीकरण और विद्युतीकरण का काम शुरू करा दिया जाएगा।
औड़िहार से भटनी मार्ग से ही गोरखपुर और देवरिया की ट्रेनें चलती हैं। यह रूट सीवान से जुड़ता है। इस रूट पर यात्रियों का दबाव ज्यादा है लेकिन सिंगल ट्रैक होने के कारण इस पर ज्यादा ट्रेनें नहीं संचालित की जा सकती हैं। यही कारण है कि बनारस से बिहार के सीवान के लिए इकलौती ट्रेन का संचालन होता है और वह भी समय से नहीं पहुंच पाती है।
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने यहां शनिवार को पत्रकारों को बताया कि इसकी तैयारी कर ली गई है और अगले साल इसका दोहरीकरण शुरू हो जाएगा। यात्रियों के दबाव को देखते हुए ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए इस मार्ग का विद्युतीकरण भी कराया जाएगा। इसके बनने के बाद बनारस और बिहार के बीच नई ट्रेनों का संचालन संभव हो पाएगा। सिंगल ट्रैक होने के कारण अक्सर गाड़ियां क्रासिंग के चक्कर में अटकी रहती हैँ। लंबे अर्से से इस रूट के दोहरीकरण की मांग की जाती रही है।
उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशनों की जिन बेंचों पर स्टेशन का नाम धुंधला पड़ गया है या मिट गया है, उसे फिर लिखवाया जाएगा। स्टेशनों पर जिले के महापुरुषों और स्थान के ऐतिहासिक महत्व बताने वाले बोर्ड लगवाए जाएंगे। ट्रेनों में सुरक्षा के सवाल पर कहा कि रेल मंत्रालय इसको लेकर गंभीर है। यदि कोई ट्वीट करके भी सुरक्षा की बाबत जानकारी देता है तो तत्परता से कार्रवाई की जा रही है।