गाजीपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर भाजपा की सपना सिंह के दावे ने मूर्त रूप लिया। शनिवार को हुए चुनाव की मतगणना के बाद वह जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। अपनी प्रतिद्वंद्वी सपा की कुसुमलता को उन्होंने दोगुने अंतर से पराजित किया। जीन से जहां भाजपाजनों की बल्ले-बल्ले रही वहीं सपाजन मायूस दिखे। सपना सिंह को कुल 47 वोट और सपा की कुसुमलता को कुल 20 वोट मिले हैं। दोनों प्रत्याशियों के बीच 27 मतों का अंतर रहा। उधर, जीत में एमएलसी चंचल सिंह की कारगर रणनीति की भी चर्चा होती रही। सपना सिंह की जीत की खबर मिलते ही उनके समर्थक और भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। जीत की घोषणा होने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सैकड़ों लोग जुट गये और गाजे-बाजे के साथ जीत का जश्न मनाने लगे। जिला पंचायत सदस्य का निर्दलीय चुनाव जीतकर आने के बाद सपना सिंह और बंदना यादव के बीच भाजपा में प्रत्याशी बनने को लेकर रस्साकस्शी चल रही थी। भाजपा के जिला संगठन और अधिकांश जन प्रतिनिधि बंदना यादव को उम्मीदवार बनाने के पक्ष में थे। भाजपा के जिला प्रभारी मंत्री के सामने सपना सिंह और बंदना यादव ने समर्थक सदस्यों को पेश किया, जिसमें सपना सिंह के पास अधिक सदस्य होने से उनकी दावेदारी मजबूत हो गई। सपना सिंह की तरफ से 40 सदस्यों का समर्थन था। इसके बाद भाजपा को एमएलसी चंचल पर भरोसा जताना पड़ा और सपना सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी घोषित कर दिया। शनिवार को सुबह 11 बजे मतदान शुरू हुआ। कलेक्ट्रेट परिसर के चारो ओर सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था थी। सुबह 11.30 बजे भाजपा के 40 जिला पंचायत सदस्यों का जत्था कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा। करीब एक घंटे में वोट देकर बाहर निकल गया। संख्या देख यहीं से भाजपा का पलड़ा भारी हो गया। कुछ देर बाद सपा के 19 जिला पंचायत सदस्यों का जत्था पहुंचा। कुल 59 सदस्यों की वोटिंग के बाद तय हो गया कि भाजपा बहुत आगे है। दोपहर तीन बजे तक सभी 67 जिला पंचायत सदस्यों ने मताधिकार का प्रयोग किया। जिलाधिकारी और निर्वाचन अधिकारी मंगाल प्रसाद सिंह ने साढे तीन बजे मतगणना शुरू कराई और कुछ देर बाद ही रिजल्ट घोषित कर दिया गया। जिलाधिकारी ने भाजपा प्रत्याशी सपना सिंह को जीत का प्रमाण-पत्र सौंपा।