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पीएचसी-सीएचसी के बढ़ेंगे बेड, डाक्टरों कमी उपचार पर ग्रहण .

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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमानियां - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जिले के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश तो दिया गया है लेकिन चिकित्सकों की कमी को दूर करने की दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है। जबकि चिकित्सकों की कमी की वजह से चिकित्सा सेवा प्रभावित हो रही है। जिले की विभिन्न पीएचसी और सीएचसी पर तैनात 18 डॉक्टरों के गैर जनपदों में तबादले होने के बाद इसकी भरपाई अभी तक नहीं हो सकी है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन अस्पतालों में डाक्टरों के कुल 197 पद हैं जिनमें से वर्तमान में सिर्फ 87 चिकित्सकों की तैनाती है। अभी 110 चिकित्सकों की जरूरत है। इन पीएचसी और सीएचसी में तैनात 18 डाक्टरों का स्थानांतरण गैर जनपदों के लिए हो गया है। ऐसे में चिकित्सकों की कमी से चिकित्सा सेवा प्रभावित हो रही है। अभी तक स्थानांतरण होकर आए सिर्फ एक डाक्टर ने कार्यभार ग्रहण किया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से पीएचसी और सीएचसी में बेहतर चिकित्सा सेवा की बात की जाती है लेकिन स्थिति यह है कि ग्रामीण इलाकों में बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिलने से रोगियों को शहर आना पड़ता है या निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ता है। डाक्टरों के अलावा एएनएम, फार्मासिस्ट और अन्य कुछ रिक्त पदों पर तैनाती को लेकर भी कोई आदेश निर्देश जारी नहीं किया गया। मौजूदा समय में ग्रामीण इलाकों में स्थित पीएचसी में पांच और सीएचसी में 30 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है लेकिन चिकित्सकों की कमी और स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी के चलते रोगियों को अपेक्षित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही है। डाक्टरों, कर्मचारियों और संसाधनों की कमी दूर करने की जगह अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने का आदेश शासन स्तर पर दिया गया है। पांच बिस्तरों वाले पीएचसी को दस और तीस बिस्तरों वाले सीएचसी को पचास बिस्तरों का करने का निर्देश दिया गया है। सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह ने बताया कि पीएचसी, सीएचसी में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। 18 डॉक्टरों का स्थानांतरण होने के बाद चिकित्सकीय व्यवस्था के संचालन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर शासन को पत्र लिखा गया है लेकिन अभी डाक्टरों की तैनाती नहीं हो पाई है।
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