मुहम्मदाबाद ब्लाक प्रमुख चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद पेशबंदियां तेज हो गई हैं। बीडीसी सदस्यों की मान-मनुहार और घेराबंदी शुरू कर दी गई है। अभी समाजवादी पार्टी और कौमी एकता दल ने ही प्रत्याशी घोषित किए हैं। मुख्य मुकाबला इनके बीच ही होने के आसार हैं लेकिन पर्दे के पीछे की राजनीति किसी भी पार्टी की गणित गड़बड़ा सकती है।
मुहम्मदाबाद ब्लाक प्रमुख का पद पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित है। कौमी एकता दल ने रामकृत सिंह यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है। उनकी घोषणा के समय क्षेत्र पंचायत के कुल 111 सदस्यों में से 67 सदस्य मौजूद रहे। अभी तक की राजनीतिक परिस्थिति में रामकृत की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है।
पूर्व ब्लाक प्रमुख चंदा यादव के पार्टी छोड़ने के बाद से कौएद की चुनावी गणित में भी उलटफेर हो गया है। इससे सपा को एक तरह से संजीवनी मिल गई है। पार्टी ईंट भट्ठा संचालक रामजीत यादव को प्रत्याशी बनाया है। सांसद नीरज शेखर के करीबी रहे अंबिका यादव भी यहां से टिकट के दावेदार थे लेकिन पार्टी ने रामजीत में भरोसा जताया क्योंकि उनके भाई सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के सुरक्षा दस्ते में हैं।
भाजपा, कांग्रेस एवं बसपा में अभी ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव की कोई सुगबुगाहट नहीं दिख रही है। इन पार्टियों से जुड़े बीडीसी सदस्य किसी की भी गुणागणित बिगाड़ सकते हैं। इधर भाकपा नेता और पूर्व ब्लाक प्रमुख रामायण सिंह यादव एवं कौएद से त्यागपत्र देेने वाली पूर्व प्रमुख चंदा यादव बीडीसी सदस्यों से संपर्क कर अपनी स्थिति का आंकलन कर रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि ब्लाक प्रमुख के प्रतिनिधि अवधेश राय भी यहां के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। तमाम बीडीसी सदस्य बिरजू पाल को भी आगे करने में लगे हैं।