लोक निर्माण विभाग की ओर से बारा गंगा घाट पर बने पीपा पुल को 15 जून तक तोड़ने का निर्देश जारी हो गया है। रखरखाव में लगे कर्मचारी पीपा पुल पर लगे उपकरणों को खोलने और हटाने की तैयारी में हैं।पक्का पुल न होने के कारण लोक निर्माण विभाग ने बारा गंगा घाट पर लाखों रुपये खर्च कर पीपा पुल का निर्माण कराया है। जून माह के शुरुआत के बाद से बारिश के आसार प्रबल होते ही पीपा पुल को तोड़ने की प्रक्रिया आरंभ होती है। लगभग तीन माह तक पीपा पुल के चालू रहने पर सेवराई तहसील क्षेत्र के अलावा बिहार के लोग वाहन सहित गंगा आर-पार होते हैं और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के रास्ते लखनऊ, दिल्ली तक का सफर तय करते हैं। इस बार बारा गंगा घाट पर मई माह में किसी तरह पीपा पुल को चालू कर कोरम पूरा करने के बाद अब इसे खोलने की तैयारी होने लगी है। टूटी रेलिंग एवं बिना चकर्ड प्लेट के ही आवागमन होता रहा है। अधिकारियों ने प्रांतीयकरण की दलील देकर पूरा सीजन बीता दिया। चार पहिया वाहन चालक किसी तरह बचते रहे। सेवराई तहसील एवं बिहार के दर्जनों गांवों से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, मुहम्मदाबाद एवं बलिया जाने के लिए बीते मई माह में बारा गंगा घाट पर पीपा पुल का निर्माण हुआ था, ताकि लोगों को गंगा पार करने में सुविधा हो सके। महज एक माह में ही अब पुल को तोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। पीपा पुल होने से सेवराई तहसील क्षेत्र के गांवों के अलावा बिहार के लोग सीधे मुहम्मदाबाद एवं बलिया से जुड़े रहते थे, लेकिन अब इन्हें गाजीपुर होकर आवाजाही करनी पड़ेगी। इससे न सिर्फ काफी दूरी तय करनी होगी, बल्कि अधिक धन भी खर्च करना होगा।
कोट
पीपा पुल को जोड़ने वाले मार्ग पर बिछे चकर्ड प्लेट को खोलने का कार्य चार दिन बाद से शुरू हो जाएगा। 15 जून तक पुल को तोड़कर आवागमन बंद कर दिया जाएगा। अखिलेश यादव, एई, लोक निर्माण विभाग