गहमर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 में इस बार मतदाता चार रंगों के मतपत्रों से अपना मत देंगे। निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए यह बड़ा बदलाव किया है। ग्राम पंचायत सदस्य पद के मतपत्र सफेद, ग्राम प्रधान का हरा, बीडीसी का नीला और जिला पंचायत सदस्य का मतपत्र गुलाबी रंग का होगा। इससे मतदाताओं को प्रत्याशियों का चुनाव करने में दुश्वारियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं, उम्मीदवारों के अधिकतम खर्च की सीमा भी तय कर दी गई है। इसके लिए निर्वाचन आयोग से 1,29,08,556 मतपत्र प्रयोग में लाएं जाएंगे। जबकि 500 मतपेटिकाओं का प्रयोग होगा। एसडीएम संजय यादव ने बताया कि पंचायत चुनाव के सभी पदों के बैलेट पेपर का रंग भिन्न रहेगा। प्रत्याशी भी मतदाताओं को बेहतर तरीके से मतपत्र के रंग व चुनाव चिह्न के बारे में बता सकेंगे।
महंगी हुई प्रधानी,बढ़ा नामांकन शुल्क -सदस्य ग्राम पंचायत का मतपत्र 200 रुपये व जमानत राशि 800 रुपये है। इसी प्रकार प्रधान व बीडीसी पद के लिए 600 रुपये मतपत्र मूल्य और जमानत राशि तीन हजार रुपये तय किया गया है। सदस्य जिला पंचायत के लिए 1,000 रुपये मतपत्र व 8,000 रुपये जमानत राशि तय की गई है।
खर्च सीमा में भी हुई बढ़ोत्तरी-निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतपत्र मूल्य, जमानत राशि और अधिकतम खर्च की सीमा तय कर दी है। ग्राम प्रधान 1.25 लाख और बीडीसी एक लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। जिला पंचायत सदस्य 2.50 लाख तो ब्लॉक प्रमुख 3.50 लाख खर्च कर सकेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष अधिकतम सात लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत निर्वाचन में राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से नामांकन शुल्क व जमानत राशि बढ़ाई गई है। 2026 के चुनाव में इसका अनुपालन होना है। चुनाव खर्च की सीमा भी पिछले चुनाव से अधिक की गई है। - संजय यादव, उपजिलाधिकारी सेवराई