गाजीपुर। जनपद में सहकारी समितियों के बंद मिलने व निजी दुकानदारों की ओर से अधिक दाम वसूलने के मामले को कृषि विभाग ने गंभीरता से लिया है। कृषि विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को जनपद के विभिन्न निजी खाद दुकानदारों की जांच की गई। इस दौरान अनियमितता पाए जाने पर दो उर्वरक दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार की ओर से 21 अगस्त को जनपद में निजी उर्वरक दुकानदारों की जांच की गई। इसी क्रम में दो निजी उर्वरक दुकानदारों के लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया। साथ ही जिले में आई एक रैक खाद का वितरण भी शुरू कर दिया गया है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि जनपद में उर्वरक दुकानों की चेकिंग की गई। इस दौरान सुरेंद्र खाद एवं बीज भंडार आदर्श गांव व रौनक खाद भंडार कटैला के लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। 21 अगस्त को जनपद में 600 टन खाद का वितरण किया गया। अब किसानों को खाद के लिए दिक्कत नहीं होगी। खाद का पर्याप्त स्टॉक जनपद में मौजूद है। पारदर्शिता के साथ खाद वितरण करने का निर्देश दिया गया है।