बकरीद के मद्देनजर जनपद में जानवारों की बिक्री को लेकर सोमवार को पूरे दिन अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट बकरे, भैंसा, पाड़ा आदि बिकते रहे। लेकिन मुख्य बाजार दिलदारनगर रेलवे स्टेशन के पास प्रत्येक रविवार को जानवरों को मेला लगता है, जिसमें खासकर बकरों को शामिल किया जाता है। बकरीद पर कुर्बानी देने के लिए रविवार को सुबह से लेकर शाम तक खरीद-बिक्री का दौर चलता रहा। पर्व के कारण सोमवार को मेला भले न लगा हो, लेकिन मेले का दृश्य देखने को मिल रहा था।
नगर के लाल दरवाजा, गोराबाजार, बरबरहना, टाउन हाल, शेखपुरा सहित अन्य मोहल्लों में बकरों की छोटी-छोटी टोली पहुंचती रही और लोग बकरों की खरीददारी करते रहे। यही हाल जनपद के अन्य मुस्लिम बाहुल्य तहसील क्षेत्रों में देखने को मिली। मुहम्मदाबाद तहसील में भी यही दृश्य देखने को मिला। पिछले साल बकरों की कीमत सबसे कम सात हजार तथा सबसे अधिक 17 हजार था। जबकि इस बार आठ हजार से लेकर 22 हजार तक का बकरा बिका है। बकरीद को लेकर जनपद के विभिन्न मस्जिदों में साफ-सफाई एक दिन पहले ही कर ली गई थी।
दिलदारनगर संवाददाता के मुताबिक गांव में रेलवे लाइन के किनारे बकरा मंडी लगती है। इस वर्ष चार बजार से लेकर 22 हजार तक में बकरे की बिक्री की गई। दिलदारनगर के कारोबारी सुआब राईनी ने बताया कि इस मंडी में पूरे जिले में कारोबारी बकरा के बिक्री करने के लिए आते है। पिछले वर्ष जहां अधीकतम 19 हजार में बकरा बिका था, वहीं इस वर्ष अधिकतम कीमत 22 हजार में बकरा की बिक्री की गई।