गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह की अदालत ने बुधवार को कोडीन कफ सिरप मामले के आरोपी राहुल कुमार यादव की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। न्यायालय ने आदेश में बताया कि प्रस्तुत मामले में आरोपी राहुल कुमार यादव की भूमिका की बात की जाए तो उसे राधिका मेडिकल एजेसी का स्वामी होना बताया गया है। आरोपी के ऊपर यह आरोप भी लगाया गया है कि राधिका मेडिकल एजेंसी किसी दवा का क्रय विक्रय नहीं करती है, बल्कि उसके द्वारा ड्रग लाइसेंस हासिल कर अपने दवा व्यवसाय की आड़ में भारी मात्रा में कोडीन कफ सिरप न्यू फेन्सीडिल का अवैध डायवर्जन किया गया और कूटरचित बिल भी जनरेट किया गया है। उक्त बोतलों को चिकित्सकीय प्रयोजन से बिक्री न कर भारी मात्रा में पैसा कमाने के लिए बाग्लादेश डायवर्जन किया गया है।
कोडीनयुक्त कफ सिरप को नशे के लिए डाइवर्ट किया जाना, बोगस फर्मों के नाम पर कूटरचित मांगपत्र जारी किया जाना एवं कूटरचित बिल आदि तैयार किया जाना प्रस्तुत मामले में कहा गया है, जिसके आधार पर जमानत प्रदान किये जाने के लिए प्रस्तुत मामले में कोई आधार नहीं पाया जाता है।