बारा। गंगा में डूबकर फुफेरे-ममेरे भाइयों की मौत ने सुजानपुर एवं बारा गांव के लोगों को झकझोर दिया। परिजनों के रोने- बिलखने से दोनों गांवों में मातम पसरा हुआ गया। दोनों पढ़ने में काफी होनहार थे। बब्बी यादव माता-पिता के साथ मुंबई में रहकर एमबीए (प्रथम वर्ष) तो मनीष गांव पर ही एक कॉलेज में इंटर का छात्र था।
बब्बी यादव अपने पिता शैलेंद्र यादव और मां माया यादव के अलावा बड़े भाई विशाल यादव और छोटे भाई रानू के साथ मुंबई में रहता था। ममेरी बहन की शादी में शामिल होने के पूरा परिवार सुजानपुर गांव आया था। वहां से फिर सभी लोग बारा गांव आ गए थे। घर में शादी की तैयारियां चल रही थी, लेकिन किसी को क्या पता था कि ऐसी अनहोनी हो जाएगी। दोनों परिवारों पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि ताउम्र यह दर्द उनके सीने में शूल बनकर गड़ता रहेगा। मनीष यादव अपने माता-पिता के पांच संतानों में चौथे नंबर पर था। सबसे बड़ी बहन गुड़िया की शादी तीन वर्ष पूर्व हो चुकी है। दूसरी बहन रानी की शादी 20 मई को होनी है। बड़ा भाई सुनील और छोटी बहन सुमन है। पिता चक्रधारी यादव खेती मजदूरी कर के परिवार का भरण पोषण करते हैं। घटना से दोनों परिवार में कोहराम मचा हुआ था। दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और सात्वंना देकर उन्हें शांत कराने में जुटे रहे।