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Ghazipur News: फर्राटा भर रहे वाहनों के बीच 300 मीटर दूर स्ट्रेचर पर मरीज ले जाने को मजबूर तीमारदार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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गाजीपुर। शहर के गोराबाजार स्थित मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल में फर्राटा भर रहे वाहनों के बीच 300 मीटर दूर स्ट्रेचर पर मरीज ढोने को तीमारदार मजबूर हैं।
मरीजों को स्ट्रेचर से तीमारदार कभी 300 बेड के नवनिर्मित तो कभी 200 बेड के अस्पताल तक कड़ी धूप में ढोते नजर आते हैं।
वार्ड से ओपीडी और जांच के लिए करीब 300 मीटर की दौड़ परेशानी का सबब बनी हुई है। तीमारदार मरीजों का स्ट्रेचर ढोने में हांफ जाते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि गर्मी की तेज धूप स्ट्रेचर से जा रहे मरीजों के लिए खतरे की घंटी है, बावजूद जिम्मेदार कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जहां सुविधाओं को दुुरुस्त किया गया, वहीं विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओर से उपचार भी शुरू कर दिया। साथ ही मरीजों को भर्ती के लिए बेड की भी संख्या बढ़ा दी गई।
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ऐसे में 200 बेड के पुरुष अस्पताल से 300 मीटर दूर पीजी कॉलेज चौराहे से अस्पताल होते हुए 12 बंग्ला, फॉक्सगंज, कांशीराम आवास होते हुए आदर्श गांव को जाने वाली सड़क के किनारे 300 बेड का नवनिर्मित अस्पताल बनाया गया। नवनिर्मित अस्पताल में ओपीडी, पर्ची काउंटर, दवा वितरण, एक्स-रे के साथ ही वार्डों का संचालन तो शुरू कर दिया गया, लेकिन 200 बेड के पुरुष अस्पताल से नवनिर्मित अस्पताल तक जाने के लिए परिसर के अंदर से ही कोई मार्ग नहीं बनाया गया।
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ऐसे में पुरुष अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों ओपीडी अथवा ब्लड जांच के लिए दोनों अस्पतालों के बीच भाग- दौड़ करनी पड़ रही है। खासकर गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज को स्ट्रेचर से तीमारदार सड़क से ही होकर पुराने और नए अस्पताल तक आवागमन करने को विवश हैं। ऐसे में हमेशा हादसों की आशंका बनी रहती है।
खासकर इन दिनों सुबह से ही हो रही तेज धूप स्ट्रेचर पर पड़े मरीजों को झुलसा रही है, बावजूद परेशानी से बचाव को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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