गाजीपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में बृहस्पतिवार को मारपीट का मामला सामने आया। एक फौजदारी मुकदमे के दौरान आरोप है कि गवाह ने विपक्षी अधिवक्ता पर हमला कर दिया।
घटना के बाद कोर्ट में अफरातफरी मच गई और पुलिस व एंबुलेंस को बुलानी पड़ी। फिलहाल, शहर कोतवाली पुलिस ने पीडि़त अधिवक्ता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सिविल बार के पूर्व महासचिव अधिवक्ता रामकृष्ण पाण्डेय बृहस्पतिवार को न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट में थे। उनके मुताबिक वह एक मुकदमे वह अभियुक्त गोपाल यादव के अधिवक्ता हैं।
मुकदमे के साक्षी दुल्लहपुर निवासी भरत प्रसाद जायसवाल की जिरह थी। मुकदमे में जिरह करने के लिए दोपहर करीब 2:10 बजे दोपहर पहुंचे। मुकदमें के बाबत जिरह करने के लिए पेशकार से बातचीत कर रहे थे।
आरोप है कि उसी समय न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोर्ट रुम में ही भरत प्रसाद जयसवाल गाली-गलाैज करने लगे और अधिवक्ता का काॅलर व एडवोकेट बैंड फाड़ते हुए थप्पड़ मार दिया। अधिवक्ताओं ने किसी तरह बीचबचाव किया।
आरोप है कि भरत प्रसाद जायसवाल ने उनकी कच्ची फाइल को भी न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट गाजीपुर कोर्ट रूम में ही फाड़ दिया। साथ बाहर जाते समय जान से मारने की धमकी दी। प्रभारी निरीक्षक दीन दयाल पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।