श्रीराम को राजपाठ देने की खबर मिलने पर कोप भवन में गई कैकेयी को मनाने के लिए गए दशरथ उस समय मूर्छित हो गए जब कैकेयी ने भरत को राजपाठ देने और श्रीराम को वन गमन जाने का वरदान मांगा।
अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से हरिशंकरी स्थित श्रीराम चबूतरे पर आयोजित रामलीला में पांचवें दिन दशरथ- कैकेयी संवाद का मार्मिक दृश्य देख लोग भाव विभोर हो गए।
महाराज दशरथ के मूर्छित होेने की जानकारी होने पर श्रीराम माता कैकेयी के कक्ष में गए। उन्होंने जब माता कैकेयी से कारण जानना चाहा तो कैकेयी ने दो वरदानों के बारे में बताया।
दशरथ होश में आने पर श्रीराम को बगल में बैठा कर विलाप करते हैं। कैकेयी ने दशरथ से अयोध्या का राज भरत को देने और श्रीराम को तपश्वी वेश में वन भेजने का वरदान मांगा था।
दशरथ के विलाप का मार्मिक दृश्य देख श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। इस दौरान कमेटी के उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी, प्रबंधक जैमिनी दत्त त्रिवेदी, सहायक प्रबंधक शिवपूजन तिवारी, कृष्ण बिहारी त्रिवेदी, कोषाध्यक्ष अभय कुमार अग्रवाल, सरदार दर्शन सिंह, आनंद प्रसाद व्यवस्था में लगे रहे।