फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: फार्मासिस्ट तो कहीं एक चिकित्सक के सहारे चला आरोग्य मेला

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो-
विज्ञापन

विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी और जीवन रक्षक दवाइयों और जांच की नहीं है व्यवस्था
जिले के 62 केंद्रों पर 2544 ने कराया सामान्य बीमारियों का उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जिले के 62 न्यू पीएचसी और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन तो किया गया, लेकिन कहीं फार्मासिस्ट तो कहीं एक चिकित्सक के सहारे जैसे- तैसे कोरम पूर्ति हुई।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से अब मरीजों का इस योजना से मोहभंग होता जा रहा है। यहीं नहीं जीवन रक्षक दवाइयों और जांच की पर्याप्त व्यवस्था न होने से बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का दवा फ्लाप साबित हो रहा है। मेले में 2544 मरीजों ने उपचार कराया। रेवतीपुर: ब्लाक क्षेत्र में करीब ढाई लाख की आबादी पर चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। जहां कुल मात्र 126 मरीज ही आए। सबसे हैरानी की बात है कि सभी चारों जगहों पर यह मेला फार्मासिस्टों के भरोसे संचालित हुआ। उन्होंने ने ही मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा उपलब्ध कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन

गहमर: गहमर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित मेले में मरीजों की संख्या औसतन कम रही। सुबह 10 बजे से दोपहर के तीन बजे तक स्वास्थ्य मेले में कुल 11 मरीजों का नि: शुल्क उपचार और उन्हें मुफ्त में दवाइयां भी दी गई। सबसे अधिक सामान्य मौसमी बीमारियों के मरीज उपचार कराने पहुंचे। इस संबंध में आरोग्य मेला प्रभारी एसीएमओ डा. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 2544 मरीजों ने 62 केंद्रों पर आयोजित मेले में उपचार कराया है।
000000
चिकित्सकीय सुविधाएं और भी बढ़ाने की आवश्यकता है। जांच की सुविधा न होने से मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।- मोहित कुमार।
-
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। यहीं कारण है कि अब धीरे-धीरे ग्रामीणों का आरोग्य मेले से मोहभंग होता जा रहा है। - मुनिया देवी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें