उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड सेना भर्ती के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ब्रिगेडियर
संदीप सहगल ने कहा कि सेना भर्ती पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शिता के
साथ कराई जा रही है। भर्ती की समस्त प्रक्रिया सीसी कैमरे की जद में है।
यदि किसी भी अभ्यर्थी द्वारा फर्जी कागजात का सहारा लिया गया तो आगे जांच
में पकडे़ जाने पर सेना की ओर से उसके खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्रवाई की
जाएगी।
इसके साथ ही भर्ती में शामिल होने आ रहे युवकों की ओर से कोई उपद्रव
किया गया तो संबंधित जिले के युवकों की भर्ती पर पांच वर्ष तक के लिए रोक
लगा दी जाएगी। सेना भर्ती का जायजा लेने आए बिग्रेडियर शनिवार को पीजी
कालेज के मैदान में पत्रकारों से मुखातिब थे। भर्ती प्रक्रिया की जानकारी
देते हुए उन्होंने कहा कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती के लिए सेना
प्रतिबद्ध है।
दलालों की कोई दाल नहीं गल सकती। भर्ती में खासतौर पर तीन
बातों का विशेष ध्यान दिया जाता है। फिजिकल फिटनेस, मेडिकल और शिक्षा।
भर्ती प्रक्रिया में चयनित होने के बाद भी सेना की ओर से अभ्यर्थियों के
समस्त शैक्षिक प्रमाण पत्रों की गहन जांच कराई जाती है। इस दौरान जांच में
गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्रवाई की जाती
है। इस मौके पर सेना भर्ती बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के निदेशक
कर्नल विनीत प्रभात भी मौजूद थे।