दहेंदु गांव में पिता लालू यादव के पार्थिव शरीर को जवानों के साथ सलामी देता आदित्य यादव। संवाद
बरेसर (गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के दहेंदु निवासी असम राइफल्स में रेडियो ऑपरेटर हवलदार लालू यादव (34) का 26 सितंबर को मणिपुर में निधन हो गया। सोमवार को पार्थिव शरीर पैतृक गांव दहेंदु पहुंचा। कोलकाता कमांड अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
दहेंदु निवासी अर्जुन यादव ने बताया कि बेटा लालू यादव 2014 में मणिपुर के सेनापति मरम में तैनात थे। वह लगभग दो वर्ष से ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे थे। वह लगातार बीमार रहने लगे थे। उनका इलाज कोलकाता के कमांड हॉस्पिटल चल रहा था।
कुछ दिन पूर्व उनकी तबीयत गंभीर हो गई थी। पिता अर्जुन यादव ने बताया कि 26 सितंबर की रात करीब 10 बजे बहू कुमकुम यादव के मोबाइल पर फोन आया था कि लालू यादव का निधन हो गया।
इतना बताते ही उनकी आंख भर आईं। पार्थिव शरीर पहुंचते ही पत्नी कुमकुम यादव, मां मेवाती देवी और पिता अर्जुन यादव रोने-बिलखने लगे। आवाज सुनकर आसपास के लोग दरवाजे पर पहुंच गए। चार भाइयों में लालू यादव दूसरे स्थान पर थे।
बताया कि लालू यादव के दो बेटे आदित्य यादव (10) और आदर्श (6) गांव पर ही पढ़ाई करते हैं। परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार गौसपुर गंगाघाट पर हुआ।
दहेंदु गांव में पिता लालू यादव के पार्थिव शरीर को जवानों के साथ सलामी देता आदित्य यादव। संवाद