गहमर के नरवा गंगा घाट पर अस्ताचलगामी सूर्य की पूजा करती व्रती महिलाएं।
लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व चैती छठ का पहला अर्घ्य रविवार की शाम डूबते सूर्य को दिया गया। व्रती महिलाओं ने सूर्य का पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। पर्व के चलते गंगा घाट पर मेले जैसी स्थिति रही। सोमवार की सुबह व्रती महिलाएं उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देंगी।
दिन में तीन बजे के बाद से व्रती महिलाएं परिवार सदस्यों के साथ गंगा घाट के लिए घरों से छठ मइया का गीत गाते हुए रवाना होने लगी थीं। चार बजते-बजते नरवा घाट एवं पंचमुखी घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए।
अर्घ्य से पहले व्रती महिलाओं ने सूर्य का पूजन-अर्चन किया। सूर्यास्त से पहले ही व्रती महिलाएं गंगा के पानी में जाकर खड़ी हो गईं। सूर्यास्त होने के दौरान व्रती महिलाओं के परिवार के लोगों ने सूर्य को अर्घ्य दिया। चैती छठ पर्व का दूसरा अर्घ्य सोमवार की सुबह उदयीमान सूर्य को दिया जाएगा।