गाजीपुर। जनपद में आए दिन नौकरी का झांसा देकर सरकारी/प्राईवेट भर्तियों में ठगी करने का मामला सामने आ रहा है। औसतन देखे तो रोजाना इस तरह के एक मामले आ रहे हैं। ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधीक्षक ने एंटी फ्रॉड सेल का गठन कर दिया है, जो 15 दिन के अंदर ऐसे मामलों में कार्रवाई करना सुनिश्चित करेगी। साथ ही कार्रवाई की गुणवत्ता को लेकर क्रॉस चेकिंग और साप्ताहिक समीक्षा भी होगी, जिसमें लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई भी की जाएगी।
एंटी फ्राड सेल का अपर पुलिस अधीक्षक नगर ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद को नोडल बनाया गया है। जबकि अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, क्षेत्राधिकारी अपराध और प्रभारी डीसीआरबी को इस सेल का सदस्य बनाया गया है। एसपी डॉ. ईरज राजा के मुताबिक इस सेल को नौकरी का झांसा देकर आम जनता को ठगने वाले, सरकारी/प्राइवेट भर्तियों में कार्यों को सुगमता से कराने आदि के नाम पर ठगी करने और गुमराह करने वाले तथा अन्य संगठित ठगी (5 लाख से अधिक की संपत्ति आदि से संबंधित) करने के मामलों से जुड़े प्रार्थना पत्रों अलग कराकर अपने स्तर से जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए सभी थाना प्रभारी ठगी से संबंधित शिकायतें प्राप्त होने पर उसे गठित सेल को भेजेंगे।
प्रार्थना पत्रों को सेल में बनाए गए रजिस्टर में दर्ज कराकर, जांच के लिए संबंधित क्षेत्राधिकारी को भेजा जाएगा। जनपद और थानास्तर पर प्राप्त होने वाले सभी प्रार्थना पत्रों की जांच पूर्ण करने की अधिकतम समय सीमा 15 दिन निर्धारित की गई है। एंटी फ्रॉड सेल की बैठक भी प्रत्येक सप्ताह में होगी। इसमें उदासीनता पाए जाने पर बिना स्पष्टीकरण की मांग किए दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। क्रॉस चेकिंग कर अधीनस्थों के माध्यम से गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी।