कासिमाबाद। बहादुरगंज नगर पंचायत के चेयरमैन और माफिया मुख्तार अंसारी का करीबी आईएस- 191 के सक्रिय सदस्य रेयाज अंसारी के खिलाफ पुलिस ने बुधवार की देर रात भूमि पर जबरदस्ती कब्जा करके निर्माण कराने के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही मामले की छानबीन शुरू कर दी। इस नए मामले के दर्ज होते ही मुकदमों की संख्या पांच हो गई है। जबकि फर्जी अंक पत्र पर नियुक्ति के मामले में दर्ज मुकदमें में चेयरमैन फरार चल रहा है। संभावित ठिकानों पर पुलिस दबिश दे रही, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
बहादुरगंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर तीन अब्दुलपुर भरटोली निवासी मरछू चौहान ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी कीमती भूमि पर नगर पंचायत के वर्तमान चेयरमैन रेयाज अंसारी ने जबरदस्ती कब्जा करने के साथ निर्माण कार्य कर लिया है। इस का प्रभाव इतना था कि कहीं सुनवाई नहीं हो रही थी। पीड़ित ने जांच कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए देर रात संगीन धाराओं में चेयरमैन रेयाज अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्जकर कर जांच शुरू कर दी है। मालूम हो कि रेयाज अंसारी पर अपनी पत्नी निकहत परवीन को फर्जी अंक पत्र पर मदरसा में शिक्षिका की नौकरी दिलाने का मामला दर्ज है। इस मामले में पुलिस आरोपी चेयरमैन की गिरफ्तारी को लेकर संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अभी यह मामला ठंडा नहीं भी हुआ था कि इस मुकदमें के दर्ज होने से रेयाज अंसारी की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। इस संबंध में एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि बहादुरगंज नगर पंचायत अध्यक्ष रेयाज अंसारी मुख्तार का करीबी रहा है और आईएस- 191 का सक्रिय सदस्य है। इसके द्वारा शिकायतकर्ता की भूमि पर जबरदस्ती कब्जा किया गया है। पीड़ित की ओर से मिली तहरीर पर जांच के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। इस मामले की छानबीन चल रही है।
0000000
न्यायालय के आदेश पर धारा 82 की हो चुकी है कार्रवाई
गाजीपुर। बहादुरगंज नगर पंचायत की पूर्व चेयरमैन और वर्तमान चेयरमैन रेयाज अंसारी की पत्नी निकहत परवीन की फर्जी अंक पत्र के सहारे नौकरी लेने के आरोप में गिरफ्तारी हुई थी। इस मामले वह वर्तमान समय जमानत पर बाहर हैं। जबकि इस फर्जी मामले में बहादुरगंज के नगर पंचायत चेयरमैन रेयाज अंसारी, तत्कालीन चयन समिति के अध्यक्ष परवेज जमाल, तत्कालीन प्रबंधक नजीर अहमद एवं तत्कालीन प्रधानाचार्य जियाउल इस्लाम आरोपी हैं। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने इनके खिलाफ बीते दो दिसंबर को धारा 82 की कार्रवाई कर चुकी है। साथ ही दबोचने का प्रयास कर रही, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है।