जलालाबाद स्थित खेत में जमा नाली का पानी। संवाद
दुल्लहपुर। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के दावे एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। जखनिया विकासखंड के जलालाबाद गांव में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नालियां जाम, गलियों में जलभराव और खेतों में बहता गंदा पानी सरकारी दावों की पोल खोल रहा है।
बुधवार की सुबह ग्रामीणों का गुस्सा तब फूट पड़ा जब उन्होंने देखा कि नालियों का गंदा पानी गलियों से होते हुए मुख्य सड़क पर फैल गया है। नाराज ग्रामीणों ने ईंट-पत्थर डालकर नालियों को जाम कर दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। भाजपा जिला मंत्री मुनी वर्मा ने भी जलालाबाद की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि गांव में न दवा का छिड़काव होता है, न ही स्वच्छता अभियान का असर दिखता है। मच्छरों का प्रकोप और गंदा पानी अब बीमारियों का घर बन चुका है। उन्होंने ब्लॉक प्रशासन से तत्काल कार्यवाही की मांग की। इस मौके पर वार्ड मेंबर अनिल कुमार वर्मा, इंद्रमणि सिंह कुशवाहा, संजय मौर्य, योगेश राम, बच्चा सेठ, कतवारू मौर्य और टुनटुन वर्मा रहे।
सब्जी और अनाज की फसल बर्बाद-नालियों से बह रहा दूषित पानी अब गांव के खेतों में जा पहुंचा है। महेंद्र मौर्य, नर्वेश्वर सिंह, अंगद मौर्य, फूलचंद मौर्य, बालचंद मौर्य, रामवृक्ष और दिनेश मौर्य समेत कई किसानों की सब्ज़ी और अनाज की फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने कहा कि यह केवल गंदगी की नहीं, बल्कि हमारी रोज़ी-रोटी से जुड़ी समस्या है।