मड़िहान तहसील पर प्रदर्शन करते अमोई गांव के ग्रामीण।-सोशल मीडिया।
भावां। मड़िहान वन विभाग द्वारा बिना किसी नोटिस के ही जेसीबी लगाकर रिहायशी मकानों को ध्वस्त करने से नाराज अमोई गांव के ग्रामीणों ने मड़िहान तहसील का घेराव कर प्रदर्शन किया। बुधवार को उपजिलाधिकारी को पत्रक देकर ग्रामीणों ने न्याय की गुहार लगाई। एसडीएम को दिए गए पत्रक में अमोई गांव निवासी शिवलाल का कहना है कि गांव के लगभग 200 से अधिक भूमिहीन गरीब, किसान वर्षों से वन विभाग की जमीन पर घर बनाकर खेती-बाड़ी कर गुजर बसर करते चले आ रहे हैं। उनके द्वारा वनाधिकार अधिनियम 2005 के तहत काबिज दाखिल होकर दावा दाखिल करते हुए एक कमेटी का गठन भी किया है। मड़िहान वन विभाग की तरफ से बुधवार को बिना किसी नोटिस के ही जेसीबी लगाकर रियासी मकानों को ध्वस्त कर गरीबों को बेघर किया जा रहा है। वही विभाग के इस प्रकार के कृत्य से दो सौ परिवार सड़क पर आने की कगार पर पहुंच गए हैं। आरोप है कि अब तक छह आशियाना वन विभाग ने उजाड़ दिया है। प्रदर्शन करने वालों में घनश्याम कोल, रामरति, नन्हकू, पप्पू, तौलन, रामखेलावन, मनोज कुमार, सरपु, सुरेखा, संजू, हीरालाल, लल्लू, भानु प्रताप, शिवपूजन आदि मौजूद रहे।