जल निकासी की मांग को लेकर धरना देते लोग।
मार्ग, जलनिकासी, गंदगी आदि समस्याओं को लेकर आजाद नगर मुहल्ला के लोगों ने मुहल्ला स्थित पोखरी के पास रविवार को धरना दिया। मुहल्लावासियों ने आगामी मंगलवार को तहसील दिवस में इस मुद्दे को उठाने का निर्णय लेते हुए समस्याओं के समाधान तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।
धरना का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता अवनीश चौबे ने कहा कि नगर के सभी जनप्रतिनिधि इस मुहल्ले की बुनियादी आवश्यकताओं के लिए उदासीन रहते हैं। जब भी बारिश होती है, यहां की हालत दयनीय हो जाती है। नगर के मध्य में स्थित आजाद नगर के बीसों घरों के लिए आवागमन मार्ग नगर पंचायत 90 वर्ष में नहीं दे पाई है। स्कूल के पश्चिम एवं जलकल परिसर के दक्षिण स्थित गड़ही के किनारे बसा ये क्षेत्र नगरीय सुविधाओं से आज भी वंचित है। गड़ही पटती जा रही है। हल्की बरसात में बड़ी परेशानी पैदा हो जा रही है।
पांच वर्ष पहले चुनाव के समय मुहल्ले के विकास के बड़े-बड़े वादे किए गए लेकिन पांच वर्ष बीत गए कुछ नहीं हुआ। कहा कि पांच दिन पूर्व नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को पत्रक दिया था और उन्होंने आश्वासन भी दिया लेकिन नगर पंचायत की तरफ से कोई पहल नहीं की गई। धरना में समस्या के समाधान के लिए लोगों का हस्ताक्षरयुक्त पत्र उप जिलाधिकारी सैदपुर को देने के लिए तैयार किया गया।
निर्णय लिया गया आगामी मंगलवार को तहसील दिवस में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। समस्याओं का समाधान होने तक संघर्ष जारी रखने का मुहल्लावासियों ने ऐलान किया। धरना देने वालों में बसंत पांडेय, मनोज श्रीवास्तव, श्याम नारायन सिंह, विनोद सेठ, अशोक यादव, लालजी राम, रमई यादव, दयाशरण लाल, मुन्ना सेठ, लल्लन कश्यप, मनीष पांडेय, निर्भय पाटिल, गिरीश पांडेय, निर्भय आदि शामिल रहे।