गाजीपुर। आंगनबाड़ी भर्ती में अभी और कार्रवाई होनी तय है। प्रकरण को डीएम से लेकर शासन तक ने गंभीरता से लिया है। कार्रवाई के बीच बात भी सामने आई है कि एक महिला अभ्यर्थी ने दूसरे के शैक्षिक प्रमाणपत्र को ही कूटरचित तरीके से लगा दिया था और उसका चयन भी हो गया था। वहीं, विवाहित बेटी के फर्जी तरीके से चयन होने के मामले में सीडीओ के स्टेनो ने अपना स्पष्टीकरण शुक्रवार को दे दिया।
जनपद में आंगनबाड़ी के 290 पदों पर भर्ती होनी थी। 286 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया। चयनित अभ्यर्थियों में सीडीओ के स्टेनो की बेटी, जवान, पुुलिस, कोटेदार, शिक्षक, ग्राम प्रधान का भी नाम शामिल था, जिन्होंने फर्जी तरीके से बीपीएल का आय प्रमाणपत्र बनवाकर आवेदन किया था। शिकायत पर आय प्रमाणपत्र गलत तरीके से बने होने के कारण 13 और निवास प्रमाणपत्र दूसरे जगह का होने के कारण एक चयनित आंगनबाड़ी की नियुक्ति रद्द कर दी गई। डीएम ने 10 लेखपालों को भी निलंबित किया। जबकि सीडीओ के स्टेनो का तबादला करते हुए संबंधित पांच तहसीलों के तहसीलदारों से भी स्पष्टीकरण मांगा। वहीं, डीएम ने सीडीओ के स्टेनो से भी प्रकरण में स्पष्टीकरण मांगा, जिसने खुद को निर्दोष बताते हुए अपना स्पष्टीकरण दिया है। वहीं, मामले की शिकायत एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में कर दी, जिससे शासन स्तर से जांच की बात कही जा रही है। अब मामले में यह भी बात सामने आ रही है कि चयनित आंगनबाड़ी में एक का शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी फर्जी था। एक महिला ने दूसरे के शैक्षणिक प्रमाणपत्र को कूचरचित तरीके से लगाकर आवेदन कर दिया और उसका चयन भी हो गया था। विभागीय सूत्रों की मानें तो इसकी जानकारी होते ही संबंधित महिला का चयन रद्द कर दिया गया है। शुक्रवार को सीडीओ के अवकाश पर जाने का पता चला। जबकि डीपीओ से अतिरिक्त चार्ज वापस ले लिया गया है। विभाग के बाबू तक इस मुद्दे पर बात नहीं कर रहे हैं। प्रभारी सीडीओ/पीडी राजेश यादव ने बताया कि स्टेनो का स्पष्टीकरण आया था, जिले जिलाधिकारी को भेज दिया गया है।