शहर को जाम से निजात दिलाने के मकसद से प्रशासनिक शहर की पटरियों से अवैध कब्जा हटाने उतरा। व्यापारियों के अनुरोध पर अतिक्रमण हटाने उतरे इस दस्ते को व्यापारियों के ही विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध, भेदभाव
के आरोप और झड़प के बीच महुआबाग से मिश्र बाजार तक बुल्डोजर चला। पटरियों पर साइनबोर्ड, दूकानों के टिन शेड उखाड़ कर फेंक दिए गए।
शहर में जाम की समस्या को देखते हुए व्यापारियों ने जिला प्रशासन से सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की थी। प्रशासन ने लोगों से स्वेच्छा से अवैध कब्जे हटाने की अपील की थी। कुछ दूकानदारों ने अतिक्रमण हटा भी
लिया लेकिन तमाम लोग सड़क से हटने को तैयार नहीं थे। उपजिलाधिकारी सदर नेहा प्रकाश और नगर पालिका के प्रशासक एके सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला पूर्व निर्धारित योजना के तहत बुधवार को शहर में अतिक्रमण हटाने चल पड़ा।
महुआबाग चौराहे से अभियान शुरु किया गया। जैसे ही बुल्डोजर चलना शुरू हुआ दूकानदारों में अफरातफरी मच गई। दूकानों के टिन शेड, साइन बोर्ड, यूबीआई के एटीएम के गिर्द चेन की घेराबंदी, एक मिठाई की दुकान के बाहर लगी
इंटरलाकिंग ब्रिक, वाश बेसिन को उखाड़ कर फेंक दिया गया। व्यापारियों ने इस कार्रवाई का कई जगह विरोध किया। कुछ जगह तीखी झड़प भी हुई लेकिन बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के कारण कब्जा करने वाले कुछ नहीं
कर पाए। दूकानदारों ने भेदभाव का भी आरोप लगाया। प्रशासन अपने रुख पर कायम रखा। मिश्र बाजार तिराहे तक की दोनों पटरियां शाम तक कब्जा मुक्त करा दी गईं। अभियान में क्षेत्राधिकारी सदर वेद प्रकाश सिंह, प्रभारी निरीक्षक
शहर कोतवाली केके मिश्र सहित पालिका परिषद के कई अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल रहे।