मरदह। थाना क्षेत्र के देऊपुर (पाही) गांव निवासी अमर शहीद जवान हरेंद्र यादव कि चौथी पुण्यतिथि पर शहादत दिवस श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। बीते 18 सितंबर 2016 को देश को दहला देने वाले जम्मू कश्मीर के उरी आर्मी बेस कैंप पर हुए आतंकवादी हमले में शहीद 17 रणबाकुरों में हरेंद्र यादव भी शामिल थे। पूरा जनपद अपने लाल के शहीद होने पर गौरवान्वित हुआ था। आज भी शहीद का परिवार सरकारी वादों को पूरा करने की आस लगाए हुए है।
उनकी याद में पैतृक गांव विकासखंड के गांई देऊपुर पाही गांव के शिव मंदिर परिसर में शहादत दिवस का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद हरेंद्र यादव की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने शहीद के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते कहा कि शहीद किसी जाति धर्म का नहीं होता बल्कि पूरे देश का सीना चौड़ा करने वाला पूरे देश का बेटा होता है। धन्य हैं वह माता पिता जो अपने संतान को देश सेवा के लिए समर्पित कर पूरे देश को गौरवान्वित करने का काम करते हैं। हर नौजवान को शहीद हरेन्द्र यादव से प्रेरणा लेकर देश सेवा के लिए समर्पित होकर अपने कर्तव्य का निर्वाह करना चाहिए। पूर्व प्रमुख विजय सिंह यादव ने कहा शहीद हरेंद्र यादव कि शहादत को पूरे देश को नाज है जो अपने प्राणों की आहुति भारत माता की सेवा में समर्पित कर दिया उसे भूलना मुश्किल है। इस मौके पर सभा को रामभरत यादव, रामकरन यादव,अवधेश यादव,संजय यादव,भगवान यादव,नकुल यादव,आलोक सागर,ग्राम प्रधान पुजेश सिहं,शिवकुमार यादव,शैलेश यादव,रमेश यादव,रामगोपाल सिहं,प्रमुख प्रवीण यादव,रामबचन यादव,निर्मल यादव,योगेश यादव,शिवमुनी यादव,जयराम यादव मौजूद रहे। अंत में आभार शहीद के पिता केदार यादव, माता प्रभावती देवी, पत्नी निर्मला देवी, पुत्र राज यादव व रोहित यादव, भाई नागेंद्र यादव, जयप्रकाश यादव, संदीप यादव, रामायण यादव, पप्पू यादव, रविंद्र यादव ने व्यक्त किया।
न शहीद के नाम पर बनी सड़क, न परिवार को मिली नौकरी
मरदह। क्षेत्र के हैदरगंज चट्टी से शहीद के गांव जाने वाली सड़क को शहीद के नाम, परिवार के एक सदस्य को नौकरी एवं परिवार के ऊपर सरकारी कर्ज माफ करने का सरकारी वादा किया गया था । लेकिन चार वर्ष बाद भी सभी अरमान धरे के धरे रह गए। कोई सरकारी वादा पूरा नहीं हो सका। शहीद की विधवा निर्मला देवी अपने दो बच्चों के साथ अपने मायके में निवास कर रही है। इधर माता- पिता सरकारी वादे के पूरा होने के इंतजार कर रहे हैं।