मुहम्मदाबाद। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने भांवरकोल विकासखंड के ग्राम पंचायत मिश्रवलिया के ग्राम प्रधान अनुराधा मिश्र एवं ग्राम पंचायत अधिकारी के ऊपर लगाए गए अनियमितता के आरोपों को निराधार पाए जाने पर उनके सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को पुन: बहाल कर दिया है। साथ ही ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन के लिए बीते 24 जुलाई को गठित तीन सदस्यीय समिति के अस्तित्व को भी समाप्त कर दिया है।
ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप में बीते तीन दिसंबर 2019 को ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत अधिकारी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर जिलाधिकारी की तरफ से रोक लगा दी गई थी। इसके लिए जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया था। अंतरिम जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान के ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार पाते हुए उनके अधिकार को बहाल कर दिया। जिलाधिकारी का आदेश ऐसे समय में हुआ है जब बीते 25 दिसंबर की अर्द्ध रात्रि से प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। फिर ग्राम प्रधान को आरोपमुक्त कर दिए जाने से ग्राम प्रधान समर्थकों में प्रसन्नता व्याप्त है। आगे आने वाले चुनाव में भी प्रधान गुट को लाभ मिल सकता है।