समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अंसारी परिवार से एक-एक कर मिले। मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी और भतीजे व मुहम्मदाबाद विधायक शोहेब अंसारी मन्नू को साथ-साथ लिए रहे और उनसे हाथ भी मिलाया। अंसारी परिवार के घर दूसरी बार आए सपा प्रमुख को सांसद अफजाल अंसारी ने सजाव दही हाथ से कटोरी में निकालकर दिया, जिसे उन्होंने खाया भी।
परिवार के लोगों के मुताबिक अखिलेश यादव इसके पहले परिवार में एक शादी समारोह में आए थे। हालांकि वो उस समय मुख्यमंत्री नहीं थे, जबकि उनके पिता मुलायम सिंह यादव भी एक बार अफजाल अंसारी के घर जा चुके हैं। उन्होंने उस समय मुहम्मदाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया था। इस दौरान मंडी समिति में आयोजित सभा में अफजाल अंसारी को पार्टी में शामिल कराया था।
अखिलेश यादव के जाने के बाद सांसद अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने कहा कि अखिलेश यादव आए थे। उन्होंने हमारी बहुत हिम्मत बढ़ाई। उमर अंसारी ने रहा कि परिवार पूरा साथ है, लेकिन बड़े भाई और माताजी की कमी कहीं न कहीं थी, भइया (अखिलेश यादव) ने आकर बहुत हौसला दिया है। किसी इंसान को टारगेट करके उसे दुख पहुंचाना, ये आज की राजनीति बन गई। अखिलेश के साथ सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव भी मौजूद रहे।
चप्पे-चप्पे पर तैनात थी पैरामिलिट्री और पुलिस
मुहम्मदाबाद। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के मुहम्मदाबाद पहुंचने पर युसुफपुर बाजार मे सांसद आवास फाटक की तरफ जाने वाले सभी रास्ते व गलियों में बैरिकेडिंग करके भारी मात्रा में फोर्स तैनात कर दी गई थी। इससे कोई भी व्यक्ति सांसद आवास की तरफ नहीं जा सका। आवास के अंदर जाने वालों की सूची पहले से तैयार थी। उसी व्यक्ति को आधार कार्ड देखकर सुरक्षा कर्मी अंदर जाने दिया जा रहा था। कई महत्वपूर्ण सपा नेताओं को भी आवास में जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। संवाद
रोक लिए गए थे पूर्व मंत्री नारद राय
पूर्व मंत्री नारद राय को भी पुलिस ने नहीं जाने दिया तो वे वापस आकर मछली बाजार की गली से फाटक तिराहे तक पैदल गए और अफजाल अंसारी से मोबाइल पर बात किए, तब उन्हें अन्दर जाने दिया गया।
अपने घरों में भी नहीं जा सके लोग
शेखटोला में जिनका घर था वे अपने घरों में भी नहीं जा सके। पुलिस ने कहा कि अखिलेश यादव के जाने के बाद ही आप अपने घरों में जा सकेंगे। पावर हाउस रोड,फल मण्डी व फाटक के इर्द गिर्द की दुकानें बंद करा दी ग थी। पूरे क्षेत्र को सील कर पैरामिलिट्री व पुलिस के जवान तैनात कर दिये ग थे।