मरदह। थाना क्षेत्र के डोड़सर गांव के पास पुलिया पर ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्राली को चढ़ाते समय पलटने से दो सगे भाइयों की मौत की घटना के दूसरे दिन शनिवार को दुर्खुशी गांव में मातम छाया रहा। गांव के आठ घरों के चूल्हे इस दिन नहीं जले। इधर सांत्वना देने वालों का पूरे दिन शोक संतप्त परिवारके घर पर तांता लगा रहा। क्षेत्र के तवक्कलपुर उर्फ डंडापुर गांव स्थित एक ईंट उद्योग पर दो युवक मजदूरी करते थे। शुक्रवार की शाम को भठ्ठा से दो चक्का ट्रैक्टर ट्राली से ईंट लादकर नेपालपुर गांव जा रहे थे। बीच रास्ते में डोड़सर गांव के पास पुलिया पर चढ़ाने पर ट्रैक्टर अचानक बंद हो गया और अनियंत्रित होकर पलट गया। इसमें चालक सुनील और उसके छोटे भाई गुड्डू की दबकर मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के दूसरे दिन भी परिजनों में कोहराम मचा रहा। बस्ती में अवधेश बांसफोर, बेचन बांसफोर, प्रकाश बांसफोर, संतोष बांसफोर, रामसुख बांसफोर, कैलाश बांसफोर सहित मृतक के घर में चूल्हे में आग नहीं लगी। छोटे बच्चों को अगल-बगल के लोगों ने भोजन कराया। मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। यही दो युवक कमाऊ सदस्य थे, जो परिवार का भरण पोषण करने का काम करते थे। पिता संजय भी कभी-कभी बच्चों का हाथ बटाते थे। मृतक की माता पुष्षा देवी घर के दरवाजे पर बांस से बनी वस्तुएं बेचा करती है।