बेसिक शिक्षा के परिषदीय विद्यालय नए सत्र के पहले दिन मंगलवार को बच्चों की खिलखिलाहट से गुलजार हो गए। विद्यालयों को फूल-पत्ती, गुब्बारों आदि से सजाया गया था। बच्चों को रोली और चंदन का टीका लगाकर स्कूल में उनका स्वागत किया गया। पहले दिन कक्षा चार से आठ तक के बच्चों को निशुल्क किताबें वितरित की गईं।
शिक्षा सत्र के पहले दिन परिषदीय स्कूलों को फूल और गुब्बारों से सजाया गया था। गेट पर आरती की थाल और फूल-माला लेकर शिक्षक मौजूद थे। बच्चों के पहुंचने के बाद उन्हें रोरी-चंदन लगाते हुए फूलों की वर्षा एवं माला पहनाकर कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। नई कक्षा में प्रवेश लेने के बाद बच्चे पहले अपने पुराने सहपाठियों को खोजते रहे। पुराने सहपाठी मिले तो चेहरे खुशी से खिल गए। कक्षा चार से आठ तक के करीब दो लाख बच्चों के लिए जिले को 13 लाख पुस्तकें उपलब्ध करा दी गई हैं। शिक्षा सत्र के पहले दिन ही बच्चों को नई किताबें वितरित की गईं। कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को किताबें उपलब्ध न होने से उन्हें पुरानी किताबें ही दी गईं। भीमापार संवाददाता के अनुसार सादात ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय जगदीशपुर में शिक्षकों ने बच्चों का स्वागत किया। कंपोजिट विद्यालय बरहपार नसरतपुर में पंकज यादव सहित अन्य शिक्षकों ने बच्चों का स्वागत करते हुए प्रवेश दिलाया। कंपोजिट विद्यालय पचरुखवा में प्रभारी प्रधानाध्यापक विश्वासमणि सहित सभी अध्यापकों ने बच्चों को रोरी-चंदन लगाकर स्वागत किया। कक्षा चार से आठ तक के बच्चों को पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया। कंपोजिट विद्यालय जगदीशपुर में पहले दिन चार बच्चों का कक्षा एक में नामांकन किया गया। अभिभावकों से बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील की गई।