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Ghazipur News: 25 दिन बाद गंगा फिर खतरे के निशान के पार, 101 स्कूलों तक पहुंचा पानी

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पूर्व माध्यमिक विद्यालय अठहठा में घुसा पानी। संवाद
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गाजीपुर। जनपद में 25 दिन बाद दूसरी बार गंगा रौद्र रूप में आ गई। जलस्तर खतरा बिंदु 63.105 मीटर को पार कर 63.380 मीटर पर आ चुका है। इसके पहले 2 अगस्त को गंगा का जल स्तर 63.35 मीटर था। बुधवार को तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहे जलस्तर से बाढ़ का पानी रेवतीपुर-गहमर बाईपास मार्ग पर 50 मीटर के दायरे में दो फीट तक पानी आ चुका है। हसनपुरा, वीरऊपुर, नसीरपुर के मुख्य मार्ग पर डेढ़ फीट तक पानी है। इसी तरह नदी के तटवर्ती इलाके के 15 से अधिक गांवों में अब फिर खतरा मड़राने लगा है। जनपद में करीब 250 बीघा खाली खेत में बाढ़ के पानी से जलमग्न है।बीएसए हेमंत राव ने बताया कि जिले के बाढ़ 101 स्कूल बाढ़ से प्रभावित हैं। अधिकांश स्कूलों के रास्ते और कुछ के बरामदे तक पानी पहुंच चुका है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित स्कूलों का संचालन पास ही सुरक्षित जगह पर कर दिया गया है। नगर के ददरीघाट, कलक्टरघाट, चीतनाथ, रामघाट, अंजनी घाट, पोस्ता घाट, खिड़की घाट आदि गंगा घाटों की अधिकांश सीढि़यां डूब चुकी हैं। डीएम आवास के पास नाले पर भी पानी का दवाब बढ़ा गया है। इसी रफ्तार से जलस्तर बढ़ा तो बाढ़ का पानी डीएम कार्यालय के सामने सड़क पर आ जाएगा। श्मशान घाट, लकड़ी डाल और गोला घाट इलाके की सड़कों पर भी पानी आ सकता है। जिला प्रशासन भी बढ़ते जल स्तर पर नजर रखे हुए हैं। सभी एसडीएम को इसके लिए अलर्ट कर दिया गया है। दोपहर 2 बजे 3 सेमी की रफ्तार से गंगा बढ़ाव पर था। दोपहर 3 बजे भी यही रफ्तार थी। केंद्रीय जल आयोग के रिपोर्ट पर नजर करें दोपहर दो बजे गंगा नदी का जल स्तर 6.350 हो गया। जबकि शाम को यह 6.380 पर पहुंच गया। गहमर : सेवराई तहसील क्षेत्र के नगदीलपुर के पास रेवतीपुर-गहमर बाईपास मार्ग पर 50 मीटर के दायरे में 2 फीट बाढ़ का पानी आ चुका है।
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हसनपुरा, वीरऊपुर, नसीरपुर गांव के मुख्य मार्ग पर डेढ़ फीट तक पानी है। इन गांवों की आबादी 12 हजार है। हसनुपरा, वीरऊपुर, नसीरपुर गांव के 50 बीघा खाली खेत में बाढ़ का पानी फैला हुआ है। औड़िहार : वराह गंगा घाट की सभी सीढि़यां डूब चुकी हैं। घाट के ऊपर निर्माणाधीन वृद्धाश्रम में पानी प्रवेश कर चुका है। घाट पर स्थित शिव-पार्वती मंदिर डूब चुका है। क्षेत्र के पटना, औड़िहार, जौहरगंज, सैदपुर, फुलवारी, फुलवारी कला, चकेरी, देवचंदपुर, शादीभादी गांव के 200 बीघा खाली खेत में बाढ़ का पानी है। मौधा : गंगा की सहायक नदी गोमती में भी बढ़ाव है। तेतारपुर गांव के मुख्य मार्ग पर गोमती नदी का पानी फैल गया है। एडीएम दिनेश कुमार ने बताया कि नदी के जल स्तर पर लगातार नजर है। अभी फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है। जमानिया : मतसा बाड़, सब्बलपुर बाड़, जीवपुर बाड़, देवरिया बाड़, रघुनाथपुर बांड सहित दर्जनों गांव गंगा के पानी से घिर चुके हैं। गहमर: कर्मनाशा के बाढ़ से भतौरा व मगरखाई गांव घिर गया है। भतौरा गांव तीन ओर से तो मगरखाई एक ओर से घिरा हुआ है। 20 बीघा खेत में कर्मनाशा का पानी है। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
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